Friday, March 22, 2013

पीपल और खजूर ek kahani ek haqiqat


'मन की दुनिया' ब्लॉग पर 

पीपल और खजूर, कब तक रहेंगे दूर ? peepal & khajoor


वह हरियाली की धरती है। वहां भरपूर पानी है। सर्दी, गर्मी और वसंत हरेक मौसम वहां है। कहीं रेगिस्तान होता है तो कहीं केवल चट्टानें और कहीं महज़ मैदान लेकिन वहां ये तीनों हैं। वहां नदियां भी हैं और उनका सनम समंदर भी। वह वाक़ई बड़ा अजीब देश है। वहां एक ही गांव में पीपल और खजूर एक साथ उगते हैं। वहां के लोग भी ऐसे ही हैं।
...यह अपनाईयत देखकर आंखें नम हो जाती हैं। यहां इसी नमी की ज़रूरत है। अल्लामा इक़बाल ने भी कहा है कि
‘ज़रा नम हो तो ये मिट्टी बड़ी ज़रख़ेज़ है साक़ी‘
मिट्टी सचमुच अच्छी है, बस एक साक़ी चाहिए।
अल्लामा इक़बाल ने ये भी कहा था कि 
‘यह दौर अपने बराहीम की तलाश में है‘
इबराहीम (अ.) के नाम में से ‘इ‘ हटाकर उन्होंने ‘बराहीम‘ कहा तो ब्रहमा का गुमान हो जाता है। सब इन्हें अपना बड़ा मानते हैं और बहुत बड़े बड़ों के ये सचमुच ही बाप हैं। इनका घर आंगन बहुत बड़ा है। पीपल भी इनका है और खजूर भी इनकी ही है। इन्हीं के कुम्भ में अमृत रहता है। जिसके पास भी आज अमृत है। उसे वह इन्हीं के कुम्भ से मिला है। 
इस मिट्टी को अमृत से ही नम होना है। अमृत कुम्भ में छिपाया गया है। वास्तव में परमेश्वर का सबसे गोपनीय नाम ही अमृत है। उस नाम का अंतिम अक्षर ‘ह‘ है और कुम्भ के ‘भ‘ (ब+ह) में यही अक्षर छिपा है। यह रहस्य हमेशा रहस्य नहीं रहेगा। पीपल हमेशा खजूर से दूर नहीं रहेगा।
http://mankiduniya.blogspot.in/2013/03/peepal-khajoor.html

अरे भई साधो......: पशु प्रताड़ना की चिंता तो कीटों की अनदेखी क्यों

आज पशु क्रूरता निवारण में कई सरकारी गैर सरकारी संस्थाएं लगी हुई हैं लेकिन पता नहीं क्यों कीट पतंगों की सुधि नहीं ली जाती. आखिर वह भी तो कुदरत के बनाये जीव हैं और डार्विन के सिद्धांतों को माना जाये तो उनका अस्तित्व मनुष्य जाति की उत्पत्ति से बहुत पहले से है. एक मायने में वे बंदर से भी प्राचीन पूर्वजों की श्रेणी में आयेंगे.
हर दिन पता नहीं कितने करोड़ मच्छर बेमौत मारे जाते हैं. कितने ही काक्रोचों की बलि चढ़ती है.माना कि कीट-पतंगो की श्रेणी के जीव अल्पजीवी होते हैं. लेकिन क्या उन्हें स्वाभाविक मौत नसीब नहीं होनी चाहिए. उनकी हत्या के लिये दवायें खुलेआम बाजार में बिक रही हैं. उनका मूल्य उनकी मारक क्षमता के अनुरूप तय किया जाता है. कहीं कोई रोक-टोक नहीं. न जाने कितनी कंपनियां उन्हें मारने के आसान उपायों पर रात दिन शोध करा रही हैं. उनकी नन्ही सी जान सबकी आंखों में कांटा की तरह चुभती रहती है. उनके संरक्षण के लिये कोई कानून नहीं. हाल में गौरैया दिवस मनाया गया. अन्य कई पशुओं और चिड़ियाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा प्रदान की जाती है. क्या आजतक किसी कीट के लिये कोई दिवस घोषित हुआ. उसके प्रति प्रेम या श्रद्धा का भाव प्रदर्शित किया गया. क्या कीट सुंदर नहीं होते. उन्हें नष्ट कर दिया जाना चाहिए. बताइये भला

---देवेंद्र गौतम

अरे भई साधो......: पशु प्रताड़ना की चिंता तो कीटों की अनदेखी क्यों:

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Tuesday, March 19, 2013

सेहतमंद, दौलतमंद और अक़्लमंद बनने का आसान तरीक़ा क्या है ?-एक परिचर्चा

निम्न पोस्ट पर एक दिलचस्प संवाद के माध्यम से 

जानिए कि अज़ान का अर्थ क्या है ?

चर्चाकार : डा. अनवर जमाल ख़ान 
चर्चा का एक अंश :
 सारी दुनिया के सत्पुरुष और वैज्ञानिक इस बात पर सहमत हैं कि इस समय मनुष्य को उठ जाना चाहिए. इस समय का सोना घातक है. इस समय उठकर मनुष्य को ज़रूरी हाजत से फारिग़ होकर ध्यान और प्रार्थना करनी चाहिए. सभी सत्पुरुषों ने यही बताया है. यही सनातन धर्म है यानी हमेशा से मनुष्य इस नियम का पालन करता आया है. जो सनातन धर्म को नहीं जानता, वही इस बात पर ऐतराज़ करेगा कि पाव फटने पर लोगों से जागने और नमाज़ रुपी योग करने के लिए क्यों कहा जा रहा है ?
आजकल बीमारियों की एक बड़ी वजह यह भी है कि लोग रात में देर से सोते हैं और सूरज निकलने तक या उसके बाद भी सोते रहते हैं. इस से इंसान की बायो क्लॉक बिगड़ जाती है. उसकी सेहत भी बिगड़ जाती है. 
जिस बात को केशव जी नहीं समझ पाए. उसे जानवर और परिंदे भी जानते हैं. आप देखिये कि वे फज्र (सुबह) की अज़ान के वक़्त जाग कर अपनी दिनचर्या शुरू कर देते हैं.
कहा भी गया है कि 
Early to bed and early to rise makes a man healthy, wealthy, and wise.
परमेश्वर ने इंसान को सेहत, दौलत और अक्लमंद बनाने के लिए ही सुबह की नमाज़ रखी है. इसीलिए कहा जाता है कि नमाज़ नींद से बेहतर है.

Monday, March 18, 2013

सहमति से सेक्स की उम्र कम करने का मकसद ?

ग़ज़लगंगा.dg कौन सुनता है इस जमाने में ?

कागजी इंकलाब की बातें.
बंद करिए किताब की बातें.

कितने अय्यार हैं जो करते हैं
हड्डियों से  कबाब की बातें.

पढ़ते रहते हैं हम रिसालों में
कैसे-कैसे अज़ाब की बातें.

नींद आखों से दूर होती है
जब निकलती हैं ख्वाब की बातें.

और थोड़ा करीब आते तो
खुल के होतीं हिज़ाब की बातें.

कौन सुनता है इस जमाने में
एक ख़ाना-खराब की बातें.

---देवेंद्र गौतम
ग़ज़लगंगा.dg:

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Saturday, March 16, 2013

पूर्वोत्तर की बुजुर्ग महिलाएं सड़क पर उतरकर सुरक्षाबलों को ललकारती हैं कि ‘आओ मेरा बलात्कार करो’।-वेद प्रकाश पाठक


मैं उन लोगों में से हूं जो एक दौर में अफजल गुरू को फांसी दिए जाने के प्रबल समर्थक थे। फांसी के खिलाफ उठने वाली हर आवाज को मैं भी राष्ट्रद्रोही मानता था।
चिट्ठी से अफजल के बारे में कुछ ऐसी चीजें जानने को मिलीं जिनसे मेरी धारणा में थोड़ा सा बदलाव हुआ।...


 मुझे लगता है कि अफजल के मन का उग्रवाद भी इसी ‘बलात्कार’ शब्द की परिणति थी।
उसकी फांसी के पहले और बाद में भी मेरी उत्सुकता का विषय रहा कि एक आतंकी के पक्ष में पूरा श्रीनगर लामबन्द क्यों हो जाता है? क्यों अफसल के शव के लिए कश्मीर जलने लगता है? इन सवालों का जवाब मुझे कश्मीर की वादियों से नहीं बल्कि पूर्वोत्तर की उन पहाड़ियों से मिलता है जहां की बुजुर्ग महिलाएं सड़क पर उतरकर सुरक्षाबलों को ललकारती हैं कि ‘आओ मेरा बलात्कार करो....’। 
यह सही है कि कश्मीर हो या फिर पूर्वोत्तर, बगैर सुरक्षाबलों के हमारी राष्ट्रीय अस्मिता खतरे में पड़ जाएगी। वहां सैन्य ताकत चाहिए लेकिन हमारी मां-बहनों के बलात्कार की कीमत पर नहीं।


मान-मर्दन से पैदा होंगे और अफजल

Ved Prakash Pathak

Friday, March 15, 2013

सरकार ने कश्मीर के गद्दारों के कहने पर वहाँ पर से सैनिको से बंदूकें छीन ली हैं -BharatYogi.net * भारत योगी* se sabhar


शुक्रवार, मार्च 15, 2013

सरकार ने कश्मीर के गद्दारों के कहने पर वहाँ पर से सैनिको से बंदूकें छीन ली हैं


आप सोचते होंगे कि कैसे 2 आतंकवादी हमारे 5-5 वीर सैनिकों को मार देते हैं...

सच तो यह है के हमारे भारतीय सैनिकों के जैसे वीर इस पूरे संसार में नहीं हैं, लेकिन हमारी हिन्दू और भारत की दुश्मन कांग्रेस सरकार ने कश्मीर के गद्दारों के कहने पर वहाँ पर से सैनिको से बंदूकें छीन ली हैं और उन्हें हाथ मैं डंडे दे दिए हैं, अब आप ही सोचें के जो जवान हमारी रक्षा के लिए अपनी नींद, भूख और प्राणों तक की चिंता नहीं करते, उन जवानों के पास आज खुद कि रक्षा के लिए हाथ में बंदूकें नहीं हैं, और वो डंडों और गुलेलों से लड़ने के लिए मजबूर हैं, जिस के कारण हर दुसरे दिन कभी 5 तोह कभी 10 जवान शहीद हो रहे हैं...

दोस्तों, हमारी भारतीय सेना के सैनिकों ने हमारे लिए बहुत कुछ किया है, अब हमारी बारी है, अगर आप सच्चे देशभक्त हैं और सच में हमारे भारतीय सैनिकों का दिल से सम्मान करते हैं तो कृपया कर के 1 मिनट का समय दें और जितना हो सके, अपनी वाल पे, अपने पेज की वाल पे, अपने मित्र की वाल पे, ज़्यादा से ज़्यादा इस फोटो को शेयर करें, और हमारे भारतीय सैनिकों को उन्हें उनका खोया हुआ हक़, शस्त्र और सम्मान वापस दिलाएं और अगर आप के पास हमारे देशभक्त सैनिकों के लिए 1 मिनट का भी समय नहीं हैं तो हमें माफ़ करें, हम तो अपने देश, धर्म और सैनिकों के लिए कुछ भी करेंगे...

केवल रावलपिंडी पर मत थोपो अपने पापों को
दूध पिलाना बंद करो अब आस्तीन के साँपों को
अपने सिक्के खोटे हों तो गैरों की बन आती है
और कश्मीर कि घाटी देखो खून से सन जाती है |

पकड़ गर्दनें उनको खींचों बाहर खुले उजाले में
चाहे कातिल सात समंदर पार छुपा हो ताले में
इन सब षड्यंत्रों से परदा उठना बहुत जरुरी है
पहले घर के गद्दारों का मिटना बहुत जरुरी है

इनके परिवार को "जिया-उल-हक़" की तरह का पुरस्कार तो नहीं मिलने वाला हैं...लेकिन हम क्रांतिकारियों की तरफ से इनके लिए || भावपूर्ण श्रद्धांजलि ||

श्रीनगर आतंकी हमले में शहीद हुए बहादुर जवानों के नाम :

1.शहीद कांस्टेबल ओम प्रकाश निवासी सिहोर, मध्य प्रदेश।
2.शहीद कांस्टेबल पेरुमल निवासी मधुरा, तमिलनाडु।
3.शहीद कांस्टेबल सुभाष सौरव निवासी रांची, झारखंड।
4.शहीद कांस्टेबल सतीसा निवासी मंदिया, कर्नाटक।
5.शहीद एएसआइ एबी सिंह निवासी उज्जैन, मध्य प्रदेश।
—
आप सोचते होंगे कि कैसे 2 आतंकवादी हमारे 5-5 वीर सैनिकों को मार देते हैं...

सच तो यह है के हमारे भारतीय सैनिकों के जैसे वीर इस पूरे संसार में नहीं हैं, लेकिन हमारी हिन्दू और भारत की दुश्मन कांग्रेस सरकार ने कश्मीर के गद्दारों के कहने पर वहाँ पर से सैनिको से बंदूकें छीन ली हैं और उन्हें हाथ मैं डंडे दे दिए हैं, अब आप ही सोचें के जो जवान हमारी रक्षा के लिए अपनी नींद, भूख और प्राणों तक की चिंता नहीं करते, उन जवानों के पास आज खुद कि रक्षा के लिए हाथ में बंदूकें नहीं हैं, और वो डंडों और गुलेलों से लड़ने के लिए मजबूर हैं, जिस के कारण हर दुसरे दिन कभी 5 तोह कभी 10 जवान शहीद हो रहे हैं...

दोस्तों, हमारी भारतीय सेना के सैनिकों ने हमारे लिए बहुत कुछ किया है, अब हमारी बारी है, अगर आप सच्चे देशभक्त हैं और सच में हमारे भारतीय सैनिकों का दिल से सम्मान करते हैं तो कृपया कर के 1 मिनट का समय दें और जितना हो सके, अपनी वाल पे, अपने पेज की वाल पे, अपने मित्र की वाल पे, ज़्यादा से ज़्यादा इस फोटो को शेयर करें, और हमारे भारतीय सैनिकों को उन्हें उनका खोया हुआ हक़, शस्त्र और सम्मान वापस दिलाएं और अगर आप के पास हमारे देशभक्त सैनिकों के लिए 1 मिनट का भी समय नहीं हैं तो हमें माफ़ करें, हम तो अपने देश, धर्म और सैनिकों के लिए कुछ भी करेंगे...

केवल रावलपिंडी पर मत थोपो अपने पापों को
दूध पिलाना बंद करो अब आस्तीन के साँपों को
अपने सिक्के खोटे हों तो गैरों की बन आती है
और कश्मीर कि घाटी देखो खून से सन जाती है |

पकड़ गर्दनें उनको खींचों बाहर खुले उजाले में
चाहे कातिल सात समंदर पार छुपा हो ताले में
इन सब षड्यंत्रों से परदा उठना बहुत जरुरी है
पहले घर के गद्दारों का मिटना बहुत जरुरी है

इनके परिवार को "जिया-उल-हक़" की तरह का पुरस्कार तो नहीं मिलने वाला हैं...लेकिन हम क्रांतिकारियों की तरफ से इनके लिए || भावपूर्ण श्रद्धांजलि ||

श्रीनगर आतंकी हमले में शहीद हुए बहादुर जवानों के नाम :

1.शहीद कांस्टेबल ओम प्रकाश निवासी सिहोर, मध्य प्रदेश।
2.शहीद कांस्टेबल पेरुमल निवासी मधुरा, तमिलनाडु।
3.शहीद कांस्टेबल सुभाष सौरव निवासी रांची, झारखंड।
4.शहीद कांस्टेबल सतीसा निवासी मंदिया, कर्नाटक।
5.शहीद एएसआइ एबी सिंह निवासी उज्जैन, मध्य प्रदेश।

राम बुलावा भेजिया, क्यूँ कबीरा रोय ?-एक परिचर्चा

कबीर दास जी ने अपने समय में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जितना कड़ा संघर्ष किया, वह उन्हें समाज में सम्मान दिलाने के लिये काफ़ी है. हम भी उनकी कोशिशों का सम्मान करते हैं. उनका सम्मान करने के बावजूद उनसे असहमति हो सकती है. इसे सामने रखते हुए निम्न परिचर्चा में भाग लें-

बैकुण्ठ के विषय में कबीर दास जी का अनुमान क्या था ?


वह अपने एक दोहे में कहते हैं कि
राम बुलावा भेजिया, दिया कबीरा रोय।
जो सुख साधु संग में, सो बैकुंठ न होय।।
कबीर दास जी के आराध्य राम उन्हें बैकुंठ अर्थात स्वर्ग में आने का बुलावा भेजते हैं तो वह रोने लगते हैं। उन्हें लगा कि बैकुंठ से ज़्यादा सुख साधुओं की संगत में मिलता है। कबीर दास जी को लगा कि बैकुण्ठ में साधुओं का संग नहीं मिलेगा. उनका यह अनुमान ग़लत था. बैकुण्ठ में भी साधुओं का संग मिलता है और भरपूर मिलता है. बैकुण्ठ में केवल साधुओं का संग ही मिलता है , वहां दुर्जन नहीं होते. इसी के साथ बैकुण्ठ में अपने आराध्य से मिलन भी उच्चतम स्तर पर होता है . वेद, बाइबिल और क़ुर्,आन सबमें यही लिखा है. जो बात आम आदमी भी जानता है, उसे कबीर दास जी नहीं जान पाये और लोग है कि उन्हें संत और परम संत मानते हैं बल्कि कुछ भ्रम के मारे तो उन्हें परमेश्वर तक कह देते हैं. किसी को संत या परमेश्वर कहने से पहले उसके लक्षण ज़रूर चेक कर लीजिये. तभी पता चलेगा कि उसे हक़ीक़त का कितना इल्म है ?

Thursday, March 14, 2013

Kabir ke dohe रामपाल जी जगतगुरू बनकर दुनिया को भरमा रहे हैं

 डा. अनवर जमाल  
लेखक डा. अनवर जमाल ख़ान Mar 14, 2013 04:23 PM सभी पोस्ट देखें

कबीर दास परमेश्वर नहीं थे

कबीर दास परमेश्वर के दास थे, परमेश्वर नहीं थे Kabeer ke Dohe भारत में अपने अपने गुरूओं को ईश्वर घोषित करने वालों की एक बहुत बड़ी तादाद है। उनमें एक नाम श्री रामपाल जी का भी है। वे कबीरपंथी हैं और उन्हें जगतगुरू कहा जा रहा है। जगतगुरू के अज्ञान की हालत यह...
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Wednesday, March 13, 2013

समाज में अमीरी और गरीबी क्यों ?


समाज में अमीरी और गरीबी क्यों ?

safat alam taimi at प्रेमवाणी - 6 hours ago
अल्लाह ने रोज़ी का वितरण अपने हाथ में रखा है, कुछ लोगों को अधिक से अधिक दिया तो कुछ लोगों को कम से कम, हर युग में और हर समाज में मालदारा और गरीब दोनों का वजूद रहा है, सवाल यह है कि आखिर अल्लाह ने अमीरी और गरीबी क्यों रखी? ... more » 
अल्लाह ने आदम को यह सारी ज़मीन और यह सारा आसमान दिया है। अल्लाह ने आदम की औलाद को भी बड़ी करामत यानि आदर सम्मान बख्शा और उसे अपना ज्ञान दिया। इसमें उसने बताया कि सब एक सी क़ाबिलियत नहीं रखेंगे। जो ग़रीब और कमज़ोर रह जाएं, दूसरे उनकी मदद करें। इंसान ने यह किया होता तो आज ज़मीन पर कोई भूखा और परेशानहाल न होता।
अल्लाह ने इसीलिए ज़कात और फितरा की व्यवस्था की थी। ज़्यादातर इंसान अल्लाह के दीन इसलाम को नहीं मानते और जो ख़ुद को मुसलमान कहते हैं। वे भी सब के सब ज़कात नहीं देते। इसलिए इस ज़मीन पर ग़रीबी और परेशानी है। माल की मुहब्बत में इंसान इंसानियत को भूल गया है।

[WOMAN ABOUT MAN]

 

आज करूँ आगाज़ नया ये अपने ज़िक्र को चलो छुपाकर ,
कदर तुम्हारी नारी मन में कितनी है ये तुम्हें बताकर .


 जिम्मेदारी समझे अपनी सहयोगी बन काम करे ,
साथ खड़ी है नारी उसके उससे आगे कदम बढाकर .



 बीच राह में साथ छोड़कर नहीं निभाता है रिश्तों को ,
अपने दम पर खड़ी वो होती ऐसे सारे गम भुलाकर .


 कैद में रखना ,पीड़ित करना ये न केवल तुम जानो ,
जैसे को तैसा दिखलाया है नारी ने हुक्म चलाकर .


 धीर-वीर-गंभीर पुरुष का हर नारी सम्मान करे ,
आदर पाओ इन्हीं गुणों को अपने जीवन में अपनाकर .


 जो बोओगे वो काटोगे इस जीवन का सार यही ,
नारी से भी वही मिलेगा जो तुम दोगे साथ निभाकर .


 जीवन रथ के नर और नारी पहिये हैं दो मान यही ,
''शालिनी''करवाए रु-ब-रु नर को उसका अक्स दिखाकर .
            
           शालिनी कौशिक
  [WOMAN ABOUT MAN]


आज तक पुरुष ही महिला के सम्बन्ध में अपने विचार अभिव्यक्त करता रहा है और इस समबन्ध में ब्लॉग जगत में बहुत से ब्लॉग हैं जैसे भारतीय नारी ,नारी आदि .८ मार्च २०१३ से मैंने भी एक सामूहिक ब्लॉग की शुरुआत की है जिसका नाम है ''  [WOMAN ABOUT MAN] '' .यहाँ आप सभी महिला ब्लोगर्स आकर पुरुषों के सम्बन्ध में अपने सकारात्मक ,नकारात्मक जो भी विचार हों और उनसे जुड़े जो खट्टे -मीठे अनुभव हों सम्पूर्ण ब्लॉग जगत से साझा कर सकती है .यदि आप मेरे इस ब्लॉग से जुड़ने की आकांक्षी हैं तो मेरे इस  इ मेल पर मेल करें - kaushik_shalini@hotmail.com

Tuesday, March 12, 2013

हिंदी ब्लॉगर्स से कमाने वाला वह अकेला है ? Ishq

हिंदी ब्लॉगर्स से कमाने वाला अपनी तरह का वह अकेला ‘अल्लाह का आशिक़‘ है, 
कौन है ? देखिये -

इश्क़ में भी अपनी अक्ल और बिज़नेस ख़राब नहीं करता बड़ा ब्लॉगर

Monday, March 11, 2013

चूड़ियां पहनने का मतलब क्या होता है ?

बता रही हैं संचिता उपाध्याय

आप चूड़ियां पहन भी नहीं सकते

संचिता उपाध्याय
संचिता उपाध्याय











 चूड़ियां पहनने का मतलब है अपने हाथ खुद बांध लेना। मर्यादा, लिहाज़ और शर्म के बंधनों में।
आप फौजी हैं। संगीन पर जाकर गोली खाते हैं। इस बात की इज़्ज़त करते हैं हम। लेकिन कभी सोचा है, आप तो सिर्फ एक बार गोली खाकर मर जाते हैं। आपके पीछे से आपकी वही बेवाएं आपकी नई पुश्त के लिए ज़िन्दगी से दो-दो हाथ करती हैं, जिनके हाथों में 'चूड़ियां' पड़ी हैं।

ब्रिटेन में इसलाम Research Work

'बुनियाद' ब्लोंग पर

ब्रिटेन में इसलाम: इतिहास से आज तक

इसलाम ब्रिटेन में कैसे फैलना शुरू हुआ और कैसे फैलता जा रहा है ?,
इसे समझने के लिए यह वीडियो काफ़ी मदद करता है।

Sunday, March 10, 2013

हाजियों की एक बड़ी जमात दीन की समझ से दूर है

सलीम अख्तर सिददीक़ी यही बता रहे हैं अपनी पोस्ट में।

धार्मिक प्रवचन के बीच अधर्म


...और हमने इस पर यह कमेंट दिया है कि 


DR. ANWER JAMAL said...
आपको खुद पता नहीं था कि उन्हें कैसे समझाना चाहिए था।

आप उन्हें हदीस बता देते। जिसमें कहा गया है कि फ़ालतू पानी न बहाओ चाहे दरिया के किनारे ही क्यों न बैठे हो .
आपको पानी की बर्बादी रोकने वाली हदीस का हवाला देना चाहिए था और बताना चाहिए था कि यह इसलाम के खि़लाफ़ है। अल्लाह ने क़ुरआन में फ़िज़ूलख़र्ची करने वालों को शैतान का भाई बताया है। देखिए क़ुरआन 17, 27
"निश्चय ही फ़ु़ज़ूलख़र्ची करनेवाले शैतान के भाई है और शैतान अपने रब का बड़ा ही कृतघ्न है।"

अल्लाह ने शैतान का ठिकाना जहन्नम बताया है।
हाजी जी को अपना ठिकाना जहन्नम में नज़र आता तो वह पानी बर्बाद न करते।
नेकी की बात को हिकमत यानि तत्वदर्शिता से समझाना ज़रूरी है।


Friday, March 8, 2013

इसलाम में औरत की हैसियतः अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष भेंट


इस्लाम में औरत का मुकाम : एक झलक

विश्व महिला दिवस
इस्लाम को लेकर यह गलतफहमी है और फैलाई जाती है कि इस्लाम में औरत को कमतर समझा जाता है। सच्चाई इसके उलट है। हम इस्लाम का अध्ययन करें तो पता चलता है कि इस्लाम ने महिला को चौदह सौ  साल पहले वह मुकाम दिया है जो आज के कानून दां भी उसे नहीं दे पाए।
इस्लाम में औरत के मुकाम की एक झलक देखिए।

जीने का अधिकार
शायद आपको हैरत हो कि इस्लाम ने साढ़े चौदह सौ साल पहले स्त्री को दुनिया में आने के साथ ही अधिकारों की शुरुआत कर दी और उसे जीने का अधिकार दिया। यकीन ना हो तो देखिए कुरआन की यह आयत-
          'और जब जिन्दा गाड़ी गई लड़की से पूछा जाएगा, बता तू किस अपराध के कारण मार दी गई?"                                                                                     (कुरआन, 81:8-9) 
यही नहीं कुरआन ने उन माता-पिता को भी डांटा जो बेटी के पैदा होने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हैं-
       'और जब इनमें से किसी को बेटी की पैदाइश का समाचार सुनाया जाता है तो उसका चेहरा स्याह पड़ जाता है और वह दु:खी हो उठता है। इस 'बुरी' खबर के कारण वह लोगों से अपना मुँह छिपाता फिरता है। (सोचता है) वह इसे अपमान सहने के लिए जिन्दा रखे या फिर जीवित दफ्न कर दे? कैसे बुरे फैसले हैं जो ये लोग करते हैं।'
                                                  (कुरआन, 16:58-59)
http://www.islamicwebdunia.com/2013/03/blog-post_8.html#.UTmtv9Ya56E

Wednesday, March 6, 2013

क्या इस्लाम जायज़ मानता है ?

अभी अभी जागरण जंक्शन पर शिखा कौशिक जी की ये पोस्ट देखी  तो मन किया कि मैं इसे आप  के समक्ष प्रस्तुत करूँ और आपके विचार जानूं .तो क्या कहना है आपका इसके बारे में ?

क्या इस्लाम जायज़ मानता है ?


IS THIS VALID IN ISLAM ?क्या इस्लाम
जायज़ मानता है ?
क्या इस्लाम ऐसे विज्ञापन को जायज़ मानता है ?जब मुस्लिम समाज को वैवाहिक विज्ञापनों से परहेज नहीं तब ”परगाश ”जैसे बैंड पर आपत्ति क्यों ?परिवर्तन प्रकृति का नियम है !सोचिये जरा !
IS THIS VALID IN ISLAM ? IF MUSLIMS HAVE NO OBJECTION ON THIS… WHY HAVE THEY OPPOSED A BAND LIKE ‘PARGASH ‘ CHANGE IS THE RULE OF  NATURE .
THINK !THINK !THINK !
SHIKHA KAUSHIK ‘NUTAN’

हमारी तीसरी टिप्पणी को उन्होंने क्यों मिटा दिया ?


हिंदी ब्लॉगर ऐसा भी करती हैं कि ख़ुद एक ऐसी अपील करेंगी जिसे वे ख़ुद नहीं मानतीं। जब कोई उन्हें इस बात की तरफ़ ध्यान दिलाता है तो वे उस टिप्पणी को ही मिटा डालती हैं।
ऐसा किसने किया ?
यह जानने के लिए देखिए


जलालुद्दीन रूमी की कहानी Masnavi Shareef

मैनचेस्टर में थ्रेडिंग के अनुभव शेयर कर रही हैं Pallavi Saxena

थ्रेडिंग....




आप को जानकार आश्चर्य होगा जहां अपने यहाँ मात्र 10-20 रूपये में बढ़िया थ्रेडिंग हो जाती हैं। वही थ्रेडिंग यहाँ यदि आप मॉल में जाकर  करवाओ तो 7 -8 पाउंड में होती है और खुले में मतलब बिना किसी दुकान के ऐसे ही कुर्सी रखकर थ्रेडिंग करने वाले मात्र 3-4 पाउंड में ही थ्रेडिंग करते नज़र आते है जिसके चलते लोग लाइन लगा कर घंटों इंतज़ार करने को भी तैयार रहते हैं।
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हमने कहा -
इन्नल्लाहा जमीलुन युहिब्बुल जमाल

इस हदीस का भावार्थ यह है कि निस्संदेह परमेश्वर सुंदर है और सौंदर्य से प्रेम करता है।
परमेश्वर ने मनुष्य को भी सुंदर बनाया है और उसे भी सुंदरता का प्रेमी बनाया है।
अपनी देखभाल अच्छी चीज़ है। अगर औरतें एसिड फ़ार्मिंग फ़ूड कम खाएं और अपनी बॉडी की अल्कलाइन नेचर को मेनटेन रखें तो वे हमेशा जवान और ख़ूबसूरत रहेंगी और मर्द करें तो मर्द भी।
इसके लिए ज्ञान और संयम चाहिए। ये गुण हों तो आत्मा भी संतुष्ट रहती है। तन और मन की ताज़गी का यह परम गुप्त सूत्र है।

आपके परिवेश की जानकारी मिली,
शुक्रिया !

Zia ul Haq C.O. की हत्या के संदर्भ में

निम्न शीर्षक पर क्लिक कीजिये -
ज़िया उल हक़ सीओ की हत्या के संदर्भ में नास्तिक दार्शनिकों और आम नागरिकों की थ्योरी और प्रैक्टिकल का एक विश्लेषण


  • Tuesday, March 5, 2013
  •  by 
  • DR. ANWER JAMAL



  • अगर आप अपनी नास्तिकता को वैज्ञानिक मानते हैं तो आप अपनी वैज्ञानिक मान्यता के आधार पर बता दीजिए कि ज़िया उल हक़ को अपनी जान देकर क्या फ़ायदा हुआ ?
    और
    उनके भगोड़े साथियों को जान बचाकर भागने से क्या नुक्सान हुआ ?
    इससे आपकी वैज्ञानिक मान्यता के मानव मन पर प्रभाव को समझने में आसानी होगी।
    Read More...

    Tuesday, March 5, 2013

    परवीन की बहादुरी को सलाम भारतीय नारी ब्लॉग पर Parveen & Zia ul Haq



    भारत की बहादुर बेटियों में परवीन का नाम भी दर्ज हो गया। उसके शौहर ज़िया उल हक़ को माफ़ियाओं ने क़त्ल कर दिया। परवीन ने बिना डरे राजा भैया का नाम लिया और उस पर केस दर्ज हो गया। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी को मिलने के लिए मजबूर किया और अपनी मांगें मनवाईं। 
    दुख के आलम में भी इंसाफ़ के लिए ज़ालिमों के खि़लाफ़ लड़ना बहुत बहादुरी का काम है। मालिक उसके हौसले और उसकी उम्र में बरकत दे और उसके शौहर को जन्नत उल फ़िरदौस में जगह दे।
    आमीन ! 
    देखिये भारतीय नारी ब्लॉग पर एक रचना 

    धार्मिक सद्भाव के लिए आपस में संवाद कैसे करें ?


    यह ज़रूरत आज भी बनी हुई है कि विभिन्न धर्मों के मानने वाले एक दूसरे को अपने नज़रिए की जानकारी दें और ऐसी बातें कहने से बचें, जिससे विवाद पैदा हो और समाज में नफ़रत फैले। बिना इल्ज़ाम लगाए भी सवाल पूछा जा सकता है और बिना भड़के भी उसका जवाब दिया जा सकता है। ऐसी बातचीत से ही आपस में धार्मिक सद्भाव पैदा हो सकता है। हम सबको मिलकर इसके लिए कोशिश करनी चाहिए। इसी में हमारा और हमारी आने वाली नस्लों का भला है। हमारे देश का भला भी इसी में है।
    अगर हमसे कोई ग़लती हो जाए तो उसके लिए माफ़ी मांगकर हम छोटे नहीं हो जाते। पोप बेनेडिक्ट जैसे बड़े आदमी ने अपनी ग़लती के लिए माफ़ी मांगना अपनी शान के खि़लाफ़ नहीं समझा। हमारा अज्ञान हमें आपस में लड़ाता है और अपने अहंकार की वजह से हम अपनी ग़लती पर डटे रहते हैं। आत्मविकास के लिए हमें आत्मसुधार करना होगा और यह सबको करना होगा। ऐसा नहीं है कि कोई क़ौम पूरी सुधरी हुई है और कोई दूसरी क़ौम पूरी की पूरी ही ख़राब है। सब इंसान हैं और सब अपनी भलाई और समाज में शांति चाहते हैं। इसके लिए हम सबको एक दूसरे को आदर देना सीखना होगा।
    देखें यह पोस्ट:

    धार्मिक सद्भाव के लिए आपस में संवाद कैसे करें ?



    पोप
    पोप ने मुस्लिम देशों के दूतों से अपने आवास में मुलाकात की

    Monday, March 4, 2013

    मात्र एक व्यायाम नहीं है सूर्य नमस्कार -एक परिचर्चा

    सूर्य नमस्कार मात्र व्यायाम नहीं है बल्कि सूर्य की उपासना का एक तरीक़ा है
    इस परिचर्चा को पूरा पढ़ने के लिए आपको निम्न शीर्षक पर क्लिक करना होगा-

    वेद क़ुरआन में सूर्य नमस्कार का निषेध है


    Sunday, March 3, 2013

    हीरामन की चौथी क़सम -Sudheesh Pachauri, हिंदी साहित्यकार

    Saturday, March 2, 2013

    वैदिक कर्मकांडों को उपनिषदीय चिंतन ने तिरोहित किया-Dr. Arvind Mishra


    आदरणीय डा. अरविन्द मिश्रा जी का यह कथन हिंदी ब्लॉगर्स के दरम्यान चल रही एक लंबी और आलिमाना बहस का हिस्सा है, जिसे देखा जा सकता है निम्न पोस्ट पर


    ‘ब्लॉग की ख़बरें‘

    1- क्या है ब्लॉगर्स मीट वीकली ?
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_3391.html

    2- किसने की हैं कौन करेगा उनसे मोहब्बत हम से ज़्यादा ?
    http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

    3- क्या है प्यार का आवश्यक उपकरण ?
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

    4- एक दूसरे के अपराध क्षमा करो
    http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

    5- इंसान का परिचय Introduction
    http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/introduction.html

    6- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
    http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

    7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
    http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    8- बेवफा छोड़ के जाता है चला जा
    http://kunwarkusumesh.blogspot.com/2011/07/blog-post_11.html#comments

    9- इस्लाम और पर्यावरण: एक झलक
    http://www.hamarianjuman.com/2011/07/blog-post.html

    10- दुआ की ताक़त The spiritual power
    http://ruhani-amaliyat.blogspot.com/2011/01/spiritual-power.html

    11- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    12- शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड-4
    http://shakuntalapress.blogspot.com/

    13- वाह री, भारत सरकार, क्या खूब कहा
    http://bhadas.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

    14- वैश्विक हुआ फिरंगी संस्कृति का रोग ! (HIV Test ...)
    http://sb.samwaad.com/2011/07/blog-post_16.html

    15- अमीर मंदिर गरीब देश
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

    16- मोबाइल : प्यार का आवश्यक उपकरण Mobile
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/mobile.html

    17- आपकी तस्वीर कहीं पॉर्न वेबसाइट पे तो नहीं है?
    http://bezaban.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

    18- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम अब तक लागू नहीं
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

    19- दुनिया में सबसे ज्यादा शादियाँ करने वाला कौन है?
    इसका श्रेय भारत के ज़ियोना चाना को जाता है। मिजोरम के निवासी 64 वर्षीय जियोना चाना का परिवार 180 सदस्यों का है। उन्होंने 39 शादियाँ की हैं। इनके 94 बच्चे हैं, 14 पुत्रवधुएं और 33 नाती हैं। जियोना के पिता ने 50 शादियाँ की थीं। उसके घर में 100 से ज्यादा कमरे है और हर रोज भोजन में 30 मुर्गियाँ खर्च होती हैं।
    http://gyaankosh.blogspot.com/2011/07/blog-post_14.html

    20 - ब्लॉगर्स मीट अब ब्लॉग पर आयोजित हुआ करेगी और वह भी वीकली Bloggers' Meet Weekly
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/bloggers-meet-weekly.html

    21- इस से पहले कि बेवफा हो जाएँ
    http://www.sahityapremisangh.com/2011/07/blog-post_3678.html

    22- इसलाम में आर्थिक व्यवस्था के मार्गदर्शक सिद्धांत
    http://islamdharma.blogspot.com/2012/07/islamic-economics.html

    23- मेरी बिटिया सदफ स्कूल क्लास प्रतिनिधि का चुनाव जीती
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_2208.html

    24- कुरआन का चमत्कार

    25- ब्रह्मा अब्राहम इब्राहीम एक हैं?

    26- कमबख़्तो ! सीता माता को इल्ज़ाम न दो Greatness of Sita Mata

    27- राम को इल्ज़ाम न दो Part 1

    28- लक्ष्मण को इल्ज़ाम न दो

    29- हरेक समस्या का अंत, तुरंत

    30-
    अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दो

    साहित्य की ताज़ा जानकारी

    1- युद्ध -लुईगी पिरांदेलो (मां-बेटे और बाप के ज़बर्दस्त तूफ़ानी जज़्बात का अनोखा बयान)
    http://pyarimaan.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    2- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    3- आतंकवादी कौन और इल्ज़ाम किस पर ? Taliban
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/taliban.html

    4- तनाव दूर करने की बजाय बढ़ाती है शराब
    http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    5- जानिए श्री कृष्ण जी के धर्म को अपने बुद्धि-विवेक से Krishna consciousness
    http://vedquran.blogspot.com/2011/07/krishna-consciousness.html

    6- समलैंगिकता और बलात्कार की घटनाएं क्यों अंजाम देते हैं जवान ? Rape
    http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/rape.html

    7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
    http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    8- ख़ून बहाना जायज़ ही नहीं है किसी मुसलमान के लिए No Voilence
    http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/no-voilence.html

    9- धर्म को उसके लक्षणों से पहचान कर अपनाइये कल्याण के लिए
    http://charchashalimanch.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

    10- बाइबिल के रहस्य- क्षमा कीजिए शांति पाइए
    http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/03/blog-post.html

    11- विश्व शांति और मानव एकता के लिए हज़रत अली की ज़िंदगी सचमुच एक आदर्श है
    http://dharmiksahity.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

    12- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
    http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

    13- ‘इस्लामी आतंकवाद‘ एक ग़लत शब्द है Terrorism or Peace, What is Islam
    http://commentsgarden.blogspot.com/2011/07/terrorism-or-peace-what-is-islam.html

    14- The real mission of Christ ईसा मसीह का मिशन क्या था ? और उसे किसने आकर पूरा किया ? - Anwer Jamal
    http://kuranved.blogspot.com/2010/10/real-mission-of-christ-anwer-jamal.html

    15- अल्लाह के विशेष गुण जो किसी सृष्टि में नहीं है.
    http://quranse.blogspot.com/2011/06/blog-post_12.html

    16- लघु नज्में ... ड़ा श्याम गुप्त...
    http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

    17- आपको कौन लिंक कर रहा है ?, जानने के तरीके यह हैं
    http://techaggregator.blogspot.com/

    18- आदम-मनु हैं एक, बाप अपना भी कह ले -रविकर फैजाबादी

    19-मां बाप हैं अल्लाह की बख्शी हुई नेमत

    20- मौत कहते हैं जिसे वो ज़िन्दगी का होश है Death is life

    21- कल रात उसने सारे ख़तों को जला दिया -ग़ज़ल Gazal

    22- मोम का सा मिज़ाज है मेरा / मुझ पे इल्ज़ाम है कि पत्थर हूँ -'Anwer'

    23- दिल तो है लँगूर का

    24- लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी - Allama Iqbal

    25- विवाद -एक लघुकथा डा. अनवर जमाल की क़लम से Dispute (Short story)

    26- शीशा हमें तो आपको पत्थर कहा गया (ग़ज़ल)