वेब मीडिया को स्वावलंबी बनाने की जरूरत | युग - ज़माना:
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वो हाज़िर हो
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वो जो हर दीन में आँख मिचौली खेलता है,
उस से कहो के नाज़िल हो,
जिसके नाम से हर गुनाह छुप जाए,
उस से कहो के ज़ाहिर हो।
जब उसका ही नाम उनके लबों पे है,
तो उस...






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