इंसान को अपनी बेहतरी के लिये खुद ही संघर्ष करना पड़ता है. हरेक इंसान को जानना चाहिये कि उसके लिये क्या बेहतर है ? आज़ादी की सालगिरह मुबारक. जंगे-आज़ादी के नायक अशफाक उल्ला खान देश की गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले अशफाक उल्ला खान जंग-ए-आजादी के महानायक थे।अंग्रेजों ने उन्हें अपने...
जाता हुआ साल
-
जाता हुआ साल
किसी पुराने कैलेंडर की तरह
दीवार से उतर रहा है
और कीलों पर
हमारी उम्मीदें टँगी रह जाती हैं।
नया वर्ष
आ गया है पर तुम मेंरे
गए नही...





