Monday, May 14, 2012

दशक का ब्लॉगर, एक और गड़बड़झाला

हिंदी ब्लॉगिंग को एक दशक पूरा नहीं हुआ और दशक का ब्लॉगर और ब्लॉग चुना जा रहा है।
यह एक नायाब आयडिया है। इसका नतीजा वही होगा कि सम्मान तो मिलेगा केवल 5 ब्लॉगर्स को अपमान आएगा बाक़ी सबके हिस्से में। न चुने जाने का दंश मालूम नहीं किसके संवेदनशील दिल को कितना ज़्यादा दुखा दे।
गटबाज़ी और रंजिश की वजह से पहले ही बहुत से हिंदी ब्लॉगर्स रूख़सत हो चुके हैं लेकिन हिंदी ब्लॉगिंग के ताबूत में कीलें लगातार ठोंकी जा रही हैं।
कील ठोंकने वाले वही पुराने दोनों ईनामी हैं।
दशक के हिन्दी चिट्ठाकार:
(1) समीर लाल समीर    (41 वोट)
(2) रंजना (रंजू भाटिया)  (21 वोट)
(3) रवि रतलामी        (14 वोट)
(4) पूर्णिमा वर्मन        (09 वोट)
(5) कविता वाचक्नवी     (07 वोट)
(6) अनूप शुक्ल         (05 वोट)
(7) आशीष श्रीवास्तव     (03 वोट)
(8) सतीश सक्सेना       (02 वोट)

दृष्टव्य : जितेंद्र चौधरी और सुनील दीपक को कोई वोट नहीं मिला है अभीतक । साथ ही अन्य विकल्प के अंतर्गत प्राप्त मतों के आधार पर रवीन्द्र प्रभात (05 वोट), रश्मि प्रभा(03 वोट), अविनाश वाचस्पति (01वोट),हंसराज सुज्ञ(01 वोट),राजेन्द्र स्वर्णकार(01 वोट), उमेश चतुर्वेदी (01 वोट),संगीता पूरी (01 वोट),डा। श्याम गुप्त  (01 वोट), दिव्या श्रीवास्तव (01 वोट).......... आदि को भी वोट प्राप्त हुये हैं । रवीन्द्र प्रभात को छोडकर शेष सभी वोट आखिरी परिणाम मे शामिल किए जाएँगे ।
दशक का हिन्दी चिट्ठा :
(1) उड़न तश्तरी           (39 वोट)
(2) फुरसतिया             (19 वोट)
(3)  ब्लोगस इन मीडिया    (11 वोट)
(4) भड़ास                (09 वोट)
(5) नारी                 (08 वोट)
(6) छींटे और बौछारें       (05 वोट)
(7) साई ब्लॉग            (03 वोट)
(8) साइंस ब्लॉगर असोसियेशन (02 वोट)
(9) मेरा पन्ना             (01 वोट)
(10)  जो न कह सके       (01 वोट)

इन नतीजों को देखकर जनाब महेंद्र श्रीवास्तव जी ने कहा है कि
महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…
आप सब लोग ब्लागिंग मास्टर हैं। मैं तो कुछ समय पहले ही यहां आया हूं।
आप सब जानते हैं कि यहां ब्लागर्स के बीच में गुट बने हुए हैं। इसे सबसे पहले खत्म करने की जरूरत थी, लेकिन इस वोटिंग सिस्टम में आग में घी डालने का काम किया है।
मैं देखता था कि गांवों में पहले बड़ा सुकून था, जो बुजुर्गवार कह देते थे, वो सभी को मान्य होता था, पर जब से पंचायती राज के तहत गांव गांव चुनाव होने लगे, गांव की शांति खत्म हो गई, खून खराबा होने लगा।
मुझे लगता है कि हिदी ब्लागिंग के 10 साल को और बेहतर बनाने के लिए बहुत से तरीके थे, लेकिन आप लोगों ने वोटिंग कराकर इसका हाल गांव से भी बुरा कर दिया।
मै फिर कहता हूं कि मुझे ज्यादा दिन यहां नहीं हुए हैं, लेकिन मै बता सकता हूं कि किन लोगों का ब्लाग जगत में कितना योगदान है। किसने ब्लागिंग को सम्मान दिलाया है। मै ही क्या आप सब भी जानते हैं। अरे इस वोटिंग सिस्टम से आप ये मैसेज दे रहे हैं कि तमाम वरिष्ठ ब्लागर्स को दो तीन वोट मिले हैं....
खैर... ध्यान रखिएगा कहीं यहां भी लालू,कलमाडी, राजा टाइप लोग ना वोट का जुगाड़ कर लें...

उत्साह में आकर किसी को वोट देने से पहले ज़रा यह सोचिए कि इस वोटिंग से हिंदी ब्लॉगर्स में किसका भला होगा ?

वोट पाने वाले का या कि वोटिंग के मकड़जाल का आयोजन करने वाले का ?
इस सबके बावजूद इस गेम के मास्टरमाइंड की तारीफ़ अवश्य करें कि प्रबुद्ध समझे जाने वाले हिंदी ब्लॉगर्स की ऊर्जा को अपने हित में कुशलतापूर्वक इस्तेमाल कर लिया।

13 comments:

रविकर फैजाबादी said...

चर्राया है शौक पुराना, महिमा मंडित करने का |
इसकी टोपी उसके सर पर, उसकी अपने धरने का |

टुकड़े टुकड़े में है दुनिया, इसको और कुतरने का |
आधा सच कह देता रविकर, डाट-डैश में भरने का ||

फिर भी -
वोट तो कर दिया है भैया ||

Blog ki khabren said...

@ रविकर फैजाबादी जी,
कमाल का कमेंट है।
हमारी रिपोर्टिंग पूरी तरह निर्भीक और बेलालच है।
क्यों ?

देवेन्द्र पाण्डेय said...

धन्य रविकर कविराज।

Arvind Mishra said...

यह दुनिया एक रंगमंच है ..जब तक है तब तक शो चलते रहना चाहिए ..
हम अपना अपना काम करें ,बाकी वक्त पर छोड़ दें .....
असहमति एक स्वस्थ परम्परा है ...जो जीवित कौमों का अहसास दिलाता है .

सुनीता शानू said...

किसे वोट दें? और वोट देकर हासिल क्या होगा। कोई भी अलग नही है। सभी ने हिंदी के लिये बहुत कुछ किया है समीर भाई से लेकर सतीश भाई तक। और जीतू भाई हों या सुनील भाई कई नाम तो हैं ही नही इसमे जिन्होने न जाने कितना काम किया था हिन्दी चिट्ठों के लिये एग्रीगेटर बनाने के लिये। मै 2007 से ब्लॉग लिख रही हूँ सभी मेरे अज़ीज़ है किसी एक को चुनना नामुमकीन है। क्षमा करें किसी एक को वोट नही दिया जा सकता।
सादर

Dr. Ayaz Ahmad said...

यह एक नायाब आयडिया है।
:)

मनोज कुमार said...

मंशा अच्छी हो लेकिन तरीक़ा सही नहीं लग रहा।

रविकर फैजाबादी said...

त्वरित टिप्पणी से सजा, मित्रों चर्चा-मंच |
छल-छंदी रविकर करे, फिर से नया प्रपंच ||

बुधवारीय चर्चा-मंच
charchamanch.blogspot.in

एस.एम.मासूम said...

Its called completely Professional Blogging.

veerubhai said...

यहाँ मुख्य चिठ्ठा चयन अधिकारी कौन है .मतदाता सूची कहाँ हैं ?क्या यहाँ भी कुछ लोग 'ब्लॉग लूटतें हैं '?ब्लॉग छापतें हैं वोट की तरह ?
अभी तो और भी रातें सफ़र में आयेंगी ,चरागे शव मेरे महबूब ,संभाल के रख .

नीरज गोस्वामी said...

दशक का ब्लोगर...इसका औचित्य क्या है...इस से क्या हासिल होने वाला है...क्यूँ नहीं ब्लोगर किसी सकारात्मक क्रिया में अपनी ऊर्जा लगाते...

नीरज

डा. श्याम गुप्त said...

sahee kaha NEERAJ ji...

शिखा कौशिक said...

neeraj ji ne sateek bat kahi hai .sahmat hun .jab tak koi blogars association aadhikarik roop se chuni n gayi ho tab tak aise chunav karna vyarth ka kam hai .

‘ब्लॉग की ख़बरें‘

1- क्या है ब्लॉगर्स मीट वीकली ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_3391.html

2- किसने की हैं कौन करेगा उनसे मोहब्बत हम से ज़्यादा ?
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

3- क्या है प्यार का आवश्यक उपकरण ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

4- एक दूसरे के अपराध क्षमा करो
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

5- इंसान का परिचय Introduction
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/introduction.html

6- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- बेवफा छोड़ के जाता है चला जा
http://kunwarkusumesh.blogspot.com/2011/07/blog-post_11.html#comments

9- इस्लाम और पर्यावरण: एक झलक
http://www.hamarianjuman.com/2011/07/blog-post.html

10- दुआ की ताक़त The spiritual power
http://ruhani-amaliyat.blogspot.com/2011/01/spiritual-power.html

11- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

12- शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड-4
http://shakuntalapress.blogspot.com/

13- वाह री, भारत सरकार, क्या खूब कहा
http://bhadas.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

14- वैश्विक हुआ फिरंगी संस्कृति का रोग ! (HIV Test ...)
http://sb.samwaad.com/2011/07/blog-post_16.html

15- अमीर मंदिर गरीब देश
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

16- मोबाइल : प्यार का आवश्यक उपकरण Mobile
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/mobile.html

17- आपकी तस्वीर कहीं पॉर्न वेबसाइट पे तो नहीं है?
http://bezaban.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

18- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम अब तक लागू नहीं
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

19- दुनिया में सबसे ज्यादा शादियाँ करने वाला कौन है?
इसका श्रेय भारत के ज़ियोना चाना को जाता है। मिजोरम के निवासी 64 वर्षीय जियोना चाना का परिवार 180 सदस्यों का है। उन्होंने 39 शादियाँ की हैं। इनके 94 बच्चे हैं, 14 पुत्रवधुएं और 33 नाती हैं। जियोना के पिता ने 50 शादियाँ की थीं। उसके घर में 100 से ज्यादा कमरे है और हर रोज भोजन में 30 मुर्गियाँ खर्च होती हैं।
http://gyaankosh.blogspot.com/2011/07/blog-post_14.html

20 - ब्लॉगर्स मीट अब ब्लॉग पर आयोजित हुआ करेगी और वह भी वीकली Bloggers' Meet Weekly
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/bloggers-meet-weekly.html

21- इस से पहले कि बेवफा हो जाएँ
http://www.sahityapremisangh.com/2011/07/blog-post_3678.html

22- इसलाम में आर्थिक व्यवस्था के मार्गदर्शक सिद्धांत
http://islamdharma.blogspot.com/2012/07/islamic-economics.html

23- मेरी बिटिया सदफ स्कूल क्लास प्रतिनिधि का चुनाव जीती
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_2208.html

24- कुरआन का चमत्कार

25- ब्रह्मा अब्राहम इब्राहीम एक हैं?

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27- राम को इल्ज़ाम न दो Part 1

28- लक्ष्मण को इल्ज़ाम न दो

29- हरेक समस्या का अंत, तुरंत

30-
अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दो

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17- आपको कौन लिंक कर रहा है ?, जानने के तरीके यह हैं
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