Showing posts with label ‘जीवन शैली‘. Show all posts
Showing posts with label ‘जीवन शैली‘. Show all posts

Friday, July 22, 2011

‘सत्य की खोज‘ Literature


आज मुझे भाई तनवीर अहमद साहब ने एक ईमेल भेजी है। ईमेल में मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान साहब का संक्षिप्त परिचय है और साथ में उनके कुछ लिट्रेचर के लिंक भी सलग्न हैं। जो लोग पढ़ने के शौक़ीन हैं और ‘सत्य की खोज‘ में हैं, उनके लिए ये दोनों ही किताबें फ़ायदेमंद हैं। इसीलिए ईमेल से मिले ये दोनों लिंक यहां ज्यों के त्यों पेश किए जाते हैं और साथ में 

Maulana Wahiduddin Khan is an Islamic spiritual scholar who has
adopted peace as the mission of his life.  Known for his Gandhian
views, he considers non-violence as the only method to achieve
success. Internationally recognized for his contributions to world
peace, he has received, among others, the Demiurgus Peace
International Award, the Padma Bhushan, the Rajiv Gandhi National
Sadbhavna Award and the National Citizen's Award.
2 attachments — Download all attachments  
satya ki khoj (dawahbook).pdfsatya ki khoj (dawahbook).pdf
133K   View   Download  
Islam Rediscovered.pdfIslam Rediscovered.pdf
1375K   View   Download  

Thursday, July 21, 2011

अनशन को हिट करने के नायाब नुस्ख़े Political Tricks (Humour and witt)


क्या हैं वे नायाब नुस्ख़े ?
बता रहें हैं शैलेश गपोड़ी

देखिए और लुत्फ़ उठाइये

अनशन को हिट करने के नायाब नुस्ख़े Political Game -शैलेश गपोड़ी

 इस लेख पर तो हम अंजुम रहबर का यही शेर कह सकते हैं कि


सच बात मान लीजिए, चेहरों पे धूल है..

इल्ज़ाम आईनों पे लगाना फ़ुज़ूल है

Sunday, July 17, 2011

रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया

BBS  की बहुचर्चित पोस्ट ,  देखिए निम्न लिंक पर

http://blogkeshari.blogspot.com/2011/07/blog-post_4044.html

शुक्रवार, १५ जुलाई २०११

नाम के लिए कुर्सी का कोई फायदा नहीं

मेरे बड़े भाई हरीश सिंह जी, आपने इस नाचीज़ "सिरफिरा" को "प्रसार व्यवस्थापक" के पद के योग्य पाया है. उसके लिए आपका दिल की गहराइयों से शुक्रगुजार हूँ. जब आपने मुझे "सहयोगी" के रूप में शामिल किया था.तब मैंने लिखा था कि-आपने मुझे इसमें शामिल करके जो मान-सम्मान दिया है. उसका शुक्रगुजार हूँ. मगर फ़िलहाल कुछ निजी समस्याओं के कारण मैं ज्यादा योगदान देने में असमर्थ रहूँगा.
            मुझे आपसे एक शिकायत है कि आपने एक बार मुझे फोन करके या ईमेल भेजकर नहीं पूछा. मेरा विचार आपको "प्रसार व्यवस्थापक" बनाने का है. आप क्यों एक तरफा फैसले लेते हैं? मुझे ऐसी कुर्सी नहीं चाहिए. जिसके लिए मैं मानसिक रूप से तैयार न होऊं.मुझे "नाम" नहीं "काम" चाहिए. जब मैं काम करने में असमर्थ हूँ. तब नाम के लिए कुर्सी का कोई फायदा नहीं है. हमारे देश में कुर्सी के लिए स्वार्थी लोगों/नेताओं क्या कोई कमी है? आप मेरे संदर्भ में कोई भी फैसला लेने से पहले मुझसे बातचीत जरुर करें. उपरोक्त "प्रसार व्यवस्थापक" पद के नियमों-शर्तों और जिम्मेदारियों से अवगत करवाए बिना मुझे पद नहीं देना चाहिए था. अगर आप चाहते हैं कि-पद पर बना रहूँ तब आप मुझे नियमों-शर्तों और जिम्मेदारियों से अवगत करवाए. अगर ऐसा करने में असमर्थ हैं.तब आप मेरा इस्तीफा स्वीकार करें. मुझे उपरोक्त पद के बारें में जानकारी प्रदान करें कैसे "प्रचार" की व्यवस्था बनाकर रखनी होगी? कितने व्यक्ति है जो मेरे अंतर्गत कार्य करेंगे और कितने लोग ने इस पद के लिए मेरे नाम का समर्थन किया था? क्या यहाँ(ब्लॉग जगत) में कोई भी कुर्सी कोई भी ले सकता है. मैं पद की "गरिमा" का सम्मान करते हुए कह रहा हूँ. कल को मेरे कार्य के संतोषजनक न होने पर आप हटा दें, उससे पहले मैं स्वयं एक तरफा लिए फैसले के कारण पद से त्याग पत्र देता हूँ. मेरे पास एक प्रकाशन परिवार के साथ पहले ही अनेक जिम्मेदारियां है. इसलिए बिना नियमों-शर्तों और जिम्मेदारियों से अवगत हुए पद ग्रहण नहीं कर सकता हूँ और अवगत कराने पर पद स्वीकार करने को तैयार भी हूँ. लेकिन मेरी निजी समस्याओं को देखते हुए मेरे कार्य की समीक्षा करने को पूरा ब्लॉग जगत और प्रबंध मंडल निर्णय लेने में काबिल हो तो और मेरे निजी कारणों में कुछ सहायता करने की हामी भरें. वैसे ब्लॉग जगत में एक "दिखावा" की दुनियां कायम हो रही हैं. जिसको मैं पसंद नहीं करता हूँ.
 मैंने अपना एक नया शकुन्तला प्रेस का पुस्तकालय ब्लॉग बनाया है. जिसमें मुझे बहुत से शोध कार्य करने हैं. मैंने भी अपने गुरुवर श्री दिनेश राय द्विवेदी जी को उसमें शामिल करने का मेरा मन है.मगर मैंने पहले उनकी अनुमति प्राप्त करना उचित समझा. इसका उदाहरण आप यहाँ देख सकते हैं.
अगर आप मेरे अन्य ब्लॉग को पढ़ने के इच्छुक है. तब आप सभी पाठकों और दोस्तों से हमारी विनम्र अनुरोध के साथ ही इच्छा हैं कि-अगर आपको समय मिले तो कृपया करके मेरे "सिरफिरा-आजाद पंछी", "रमेश कुमार सिरफिरा", सच्चा दोस्त, आपकी शायरी, मुबारकबाद, आपको मुबारक हो, शकुन्तला प्रेस ऑफ इंडिया प्रकाशन, सच का सामना(आत्मकथा), तीर्थंकर महावीर स्वामी जी, शकुन्तला प्रेस का पुस्तकालय और शकुन्तला महिला कल्याण कोष, मानव सेवा एकता मंच एवं  चुनाव चिन्ह पर आधरित कैमरा-तीसरी आँख (जिनपर कार्य चल रहा है) ब्लोगों का भी अवलोकन करें और अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें. आप हमारी या हमारे ब्लोगों की आलोचनात्मक टिप्पणी करके हमारा मार्गदर्शन करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे. हम आपकी आलोचनात्मक टिप्पणी का दिल की गहराईयों से स्वागत करने के साथ ही प्रकाशित करने का आपसे वादा करते हैं 
-निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा"
महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा, यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें. हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है. आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें  क्या आप किन्ही दो व्यक्तियों को रोशनी देना चाहेंगे?  नेत्रदान आप करें और दूसरों को भी प्रेरित करें

4 टिप्पणियाँ:


DR. ANWER JAMAL ने कहा…
1- प्रिय भाई हरीश जी ने आपके बारे में भी वही ग़लती दोहरा दी है जिस पर आदरणीय महेन्द्र जी ने उन्हें टोका था। ऐसा लगता है कि उन्होंने किसी से भी नहीं पूछा और सबको पद दे दिए। अब हो यह रहा है कि हरेक आदमी पद पर ठोकर मार रहा है। इससे इस सम्मानित समाचार पत्र की गरिमा पर आंच आ रही है। हरीश जी से ऐसी ग़ैर ज़िम्मेदारी की उम्मीद नहीं थी कि वह आपको आपकी ज़िम्मेदारियों तक से अवगत नहीं कराएंगे। इस बात को लेकर तो उन्होंने बहुत सी जगह अपने से प्यार करने वाले एक सीनियर ब्लॉगर की आलोचना में पोस्ट भी बनाई थी कि ‘अमुक भाई एक ग़ैरज़िम्मेदार आदमी हैं।‘ क्या इसे पर उपदेश कुशल बहुतेरे कहा जाएगा ? 2- मंच अपने कंधों पर चलाए जाते हैं। अगर ख़ुद न संभाला जा सके तो अपने जी के लिए जंजाल खड़े करना ठीक नहीं है। जो भी काम किया जाए उसे पूरी ज़िम्मेदारी से ही करना चाहिए। 3- आपकी समस्या से हम भी चिंतित हैं। मालिक से आपके लिए मुक्ति की प्रार्थना करते हैं कि आपकी समस्या दूर हो और आपके घर में ख़ुशियां लौटें।
रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…
डॉ अनवर जमाल साहब जी, चरण बिंदु एक के आपके पहले पैराग्राफ से पूरी तरह से सहमत हूँ. दूसरे पैराग्राफ में लिखी यह ‘अमुक भाई एक ग़ैरज़िम्मेदार आदमी हैं।‘ बात मैंने कही पढ़ी नहीं है. इसलिए इसका लिंक मुझे उपलब्ध करवाए. अपनी पोस्ट में लिखी एक एक बात पर अटल हूँ.बेशक आज गरीब हूँ. मगर पैसों के लिए कभी अपना ईमान व जमीर नहीं बेचा है. चरण बिंदु दो का भी पूरा समर्थन करता हूँ.एक नया ब्लॉग बनाने ज्यादा से ज्यादा तीन-चार घंटे लगते हैं या होंगे.लेकिन उस पर शोध और उसकी रणनीति पर बहुत समय देने की जरूरत होती है.आप किसी से पूछे बिना ही किसी कुर्सी की जिम्मेदारी नहीं दे सकते हैं. मैं अब भी कह रहा मुझे जिम्मेदारियों से अवगत करा दो. पद से त्याग पत्र नहीं दूँगा.मैं किसी ब्लॉग को सिर्फ इसलिए नहीं पढता कि उसको लिखने वाला मुसलमान है या हिंदू है.बल्कि यह देखता हूँ वो अपने लेखन को किसके लिए कर रहा है.अपने लेखन पर उसने कितना शोध किया है.कितना सच लिख रहा है.जैसे-कोई यह लिखें फलां मंत्री बहुत ईमानदार है और दुनियां जानती है.वो दुनियां का सबसे बड़ा बईमान है. चरण बिंदु तीन के लिए आपका धन्यवाद. आपकी दुआओं की हम पर ऐसे ही खुदा करें इनायत बरसे. पोस्ट प्रकाशित होने के बाद ऑनलाइन वार्तालाप का एक नमूना :- ७:२१ अपराह्न editor.bhadohinews: kyo naraz hai bhai, namaskar ७:२३ अपराह्न मुझे: नाराज होने का हक छोटे भाई के पास ही होता है. ७:२४ अपराह्न आपको इतना बड़ा फैसला नहीं लेना चाहिए था. ७:२५ अपराह्न जबकि शायद आप मेरी परशानियों से भली-भांति अवगत थें. ७:२६ अपराह्न क्या आप हमारी परेशानियों को मजाक समझते हैं एक बार मेरे ब्लोगों का एक एक शब्द पढकर देख तो लो. ७:२७ अपराह्न मैं काल्पनिक कथा वाचक नहीं हूँ.
DR. ANWER JAMAL ने कहा…
प्रिय रमेश कुमार जी ! सलीम खान एक ग़ैर जिम्मेदार व्यक्त शीर्षक वाली पोस्ट ‘भारतीय ब्लॉग लेखक मंच‘ में लोकप्रियता की सूची में नज़र आ जाती है। ‘ब्लॉग की ख़बरें‘ पर भी यह मौजूद है। इसमें हरीश जी ने कहा था कि सलीम भाई ने ब्लॉग की परिकल्पना की, जिसे चाहा अध्यक्ष बना दिया, जिसे चाहा पद वितरित कर दिया. जिन पदों पर जो लोग रखे गए उनमे से किसी को भी जिम्मेदारी नहीं बताई गयी. आपके नेक जज़्बात की क़द्र करता हूं। धन्यवाद !
DR. ANWER JAMAL ने कहा…
And see this post सलीम खान एक गैरजिम्मेदार व्यक्ति 3/06/2011 01:12:00 AM हरीश सिंह 10 comments

Friday, July 8, 2011

‘मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती‘ Indian Traditions

बाबा रामदेव जी चाहते थे कि विदेशों में जमा ख़ज़ाना भारत लाया जाए और सरकार ने दिखा दिया कि बाहर से लाने की ज़रूरत तो बाद में पड़ेगी, देश के धर्मस्थलों में बहुत जमा है।
आप कहें तो पहले इसी का राष्ट्रीकरण कर दिया जाए ?
अब न तो बाबा जी से जवाब देते बन रहा है और न ही बीजेपी से।
...लेकिन यह सब हुआ क्यों और अब क्या होगा आगे ?
जानने के लिए देखिए यह लिंक
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/indian-tradition.html

Wednesday, June 22, 2011

अपनी स्किन को रखिए झुर्रीमुक्त Skin care

और इसके लिए पढ़िए कुछ आसान टिप्स

‘ब्लॉग की ख़बरें‘

1- क्या है ब्लॉगर्स मीट वीकली ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_3391.html

2- किसने की हैं कौन करेगा उनसे मोहब्बत हम से ज़्यादा ?
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

3- क्या है प्यार का आवश्यक उपकरण ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

4- एक दूसरे के अपराध क्षमा करो
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

5- इंसान का परिचय Introduction
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/introduction.html

6- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- बेवफा छोड़ के जाता है चला जा
http://kunwarkusumesh.blogspot.com/2011/07/blog-post_11.html#comments

9- इस्लाम और पर्यावरण: एक झलक
http://www.hamarianjuman.com/2011/07/blog-post.html

10- दुआ की ताक़त The spiritual power
http://ruhani-amaliyat.blogspot.com/2011/01/spiritual-power.html

11- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

12- शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड-4
http://shakuntalapress.blogspot.com/

13- वाह री, भारत सरकार, क्या खूब कहा
http://bhadas.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

14- वैश्विक हुआ फिरंगी संस्कृति का रोग ! (HIV Test ...)
http://sb.samwaad.com/2011/07/blog-post_16.html

15- अमीर मंदिर गरीब देश
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

16- मोबाइल : प्यार का आवश्यक उपकरण Mobile
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/mobile.html

17- आपकी तस्वीर कहीं पॉर्न वेबसाइट पे तो नहीं है?
http://bezaban.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

18- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम अब तक लागू नहीं
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

19- दुनिया में सबसे ज्यादा शादियाँ करने वाला कौन है?
इसका श्रेय भारत के ज़ियोना चाना को जाता है। मिजोरम के निवासी 64 वर्षीय जियोना चाना का परिवार 180 सदस्यों का है। उन्होंने 39 शादियाँ की हैं। इनके 94 बच्चे हैं, 14 पुत्रवधुएं और 33 नाती हैं। जियोना के पिता ने 50 शादियाँ की थीं। उसके घर में 100 से ज्यादा कमरे है और हर रोज भोजन में 30 मुर्गियाँ खर्च होती हैं।
http://gyaankosh.blogspot.com/2011/07/blog-post_14.html

20 - ब्लॉगर्स मीट अब ब्लॉग पर आयोजित हुआ करेगी और वह भी वीकली Bloggers' Meet Weekly
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/bloggers-meet-weekly.html

21- इस से पहले कि बेवफा हो जाएँ
http://www.sahityapremisangh.com/2011/07/blog-post_3678.html

22- इसलाम में आर्थिक व्यवस्था के मार्गदर्शक सिद्धांत
http://islamdharma.blogspot.com/2012/07/islamic-economics.html

23- मेरी बिटिया सदफ स्कूल क्लास प्रतिनिधि का चुनाव जीती
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_2208.html

24- कुरआन का चमत्कार

25- ब्रह्मा अब्राहम इब्राहीम एक हैं?

26- कमबख़्तो ! सीता माता को इल्ज़ाम न दो Greatness of Sita Mata

27- राम को इल्ज़ाम न दो Part 1

28- लक्ष्मण को इल्ज़ाम न दो

29- हरेक समस्या का अंत, तुरंत

30-
अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दो
Increase traffic

साहित्य की ताज़ा जानकारी

1- युद्ध -लुईगी पिरांदेलो (मां-बेटे और बाप के ज़बर्दस्त तूफ़ानी जज़्बात का अनोखा बयान)
http://pyarimaan.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

2- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

3- आतंकवादी कौन और इल्ज़ाम किस पर ? Taliban
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/taliban.html

4- तनाव दूर करने की बजाय बढ़ाती है शराब
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

5- जानिए श्री कृष्ण जी के धर्म को अपने बुद्धि-विवेक से Krishna consciousness
http://vedquran.blogspot.com/2011/07/krishna-consciousness.html

6- समलैंगिकता और बलात्कार की घटनाएं क्यों अंजाम देते हैं जवान ? Rape
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/rape.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- ख़ून बहाना जायज़ ही नहीं है किसी मुसलमान के लिए No Voilence
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/no-voilence.html

9- धर्म को उसके लक्षणों से पहचान कर अपनाइये कल्याण के लिए
http://charchashalimanch.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

10- बाइबिल के रहस्य- क्षमा कीजिए शांति पाइए
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/03/blog-post.html

11- विश्व शांति और मानव एकता के लिए हज़रत अली की ज़िंदगी सचमुच एक आदर्श है
http://dharmiksahity.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

12- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

13- ‘इस्लामी आतंकवाद‘ एक ग़लत शब्द है Terrorism or Peace, What is Islam
http://commentsgarden.blogspot.com/2011/07/terrorism-or-peace-what-is-islam.html

14- The real mission of Christ ईसा मसीह का मिशन क्या था ? और उसे किसने आकर पूरा किया ? - Anwer Jamal
http://kuranved.blogspot.com/2010/10/real-mission-of-christ-anwer-jamal.html

15- अल्लाह के विशेष गुण जो किसी सृष्टि में नहीं है.
http://quranse.blogspot.com/2011/06/blog-post_12.html

16- लघु नज्में ... ड़ा श्याम गुप्त...
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

17- आपको कौन लिंक कर रहा है ?, जानने के तरीके यह हैं
http://techaggregator.blogspot.com/

18- आदम-मनु हैं एक, बाप अपना भी कह ले -रविकर फैजाबादी

19-मां बाप हैं अल्लाह की बख्शी हुई नेमत

20- मौत कहते हैं जिसे वो ज़िन्दगी का होश है Death is life

21- कल रात उसने सारे ख़तों को जला दिया -ग़ज़ल Gazal

22- मोम का सा मिज़ाज है मेरा / मुझ पे इल्ज़ाम है कि पत्थर हूँ -'Anwer'

23- दिल तो है लँगूर का

24- लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी - Allama Iqbal

25- विवाद -एक लघुकथा डा. अनवर जमाल की क़लम से Dispute (Short story)

26- शीशा हमें तो आपको पत्थर कहा गया (ग़ज़ल)

join india