Saturday, December 24, 2011

एक पुकार हिंदी ब्लॉगर्स के लिए Unity





एक पुकार हिंदी ब्लॉगर्स के लिए
ब्लॉगिंग के मक़सद, उसकी दशा और दिशा को लेकर चिंतन करने वाले लेखों में नवीनतम लेख है आदरणीय महेंद्र श्रीवास्तव जी का, जो कि दिल्ली में एक वरिष्ठ ब्लॉगर हैं लेकिन सामाजिक सरोकारों को लेकर उनके अंदर एक छटपटाहट भी है। जिसका ज़मीर ज़िंदा है, जिसकी चेतना जागृत है और जो एक सोचने वाला दिमाग़ रखता है। उसके अंदर यह छटपटाहट होती ही है।
उनकी पोस्ट पढ़कर अहसास होता है कि शर्म-ग़ैरत और इंसानियत अभी ज़िंदा है। उनकी पोस्ट यह है- 

 हां ब्लागर होने पर मैं हूं शर्मिंदा ...


भाई महेंद्र श्रीवास्तव जी ! आपने इस अगुवाई के लायक़ ब्लॉगर्स की सूची में हमारा नाम शामिल किया, इसके लिए हम आपके शुक्रगुज़ार हैं।
हम अपने दिल पर हाथ रखकर कह सकते हैं कि जो काम हम यहां करने आए थे वही कर रहे हैं।
पत्रकारिता की शुरूआत एक मिशन के तौर पर हुई थी लेकिन बाद में यह मिशन के बजाय प्रोफ़ेशन बन गया। आप इस प्रोफ़ेशन में हैं और इसकी हक़ीक़त को रोज़ देखते ही हैं। इसके बावजूद कुछ साप्ताहिक-मासिक पत्र पत्रिकाएं आज भी मिशन की भावना के साथ मौजूद हैं, चाहे उनकी रीडरशिप कम और आर्थिक स्थिति कमज़ोर ही क्यों न हो ।
हिंदी ब्लॉगिंग में भी ऐसे ब्लॉग मौजूद हैं जो मिशन की भावना से काम कर रहे हैं।

लोगों के बिखराव का एक लाभ यह होता है कि सच को सामने आने से रोकना असंभव हो जाता है।
यही बिखराव ब्लॉगिंग की ताक़त है।
जब भी ब्लॉगर्स एक होंगे तो उनकी नकेल किसी एक के हाथ में या एक ग्रुप के हाथ में आ जाएगी और सत्ता द्वारा उसे ख़रीद लेना ठीक वैसे ही आसान हो जाएगा जैसे कि अख़बार और टी. वी. चैनलों के संपादकों को ख़रीद लेना। एकता में जितनी ताक़त है, यह उतनी ही बड़ी कमज़ोरी भी बन जाती है।
इस समय यह संभव नहीं है कि किसी एक ब्लॉगर या किसी एक ग्रुप से बात करके कोई ‘डील‘ की जा सके।
आस्तिक-नास्तिक, वामपंथी-दक्षिणपंथी, हिंदू-मुस्लिम, सवर्ण-दलित, दिल्ली-बिहारी, अमीर-ग़रीब, औरत-मर्द और इसी तरह की बहुत सी बुनियादों पर लोग बंटे-छंटे और जमे हुए हैं।
इस बंटवारे के बावजूद सामाजिक सुरक्षा, रोज़गार, शिक्षा, चिकित्सा, भ्रूण रक्षा, वृद्ध सेवा, भ्रष्टाचार उन्मूलन और महंगाई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सभी लोग अपना रचनात्मक सहयोग देने के लिए एकमत हो सकते हैं।
‘हिंदी ब्लॉगर्स फ़ोरम इंटरनेशनल‘ की ब्लॉगर्स मीट वीकली की शुरूआत इसी मक़सद को लेकर की गई थी जिसे गुटबंदी के कारण अपेक्षित सहयोग नहीं मिला और वह इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाई।
हम यहां उन भ्रष्टाचारी राजनीतिक दलों से एक सीख ले सकते हैं जो कि अपनी विचारधारा में आकाश-पाताल का अंतर होने के बावजूद सत्ता का सुख लेने के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम बना लेते हैं और कामयाबी के साथ जनता पर राज करते हैं पूरे 5 वर्ष।
जब बेईमान लोग सत्ता के लिए एक हो सकते हैं तो क्या ईमानदार ब्लॉगर सत्य के लिए एक नहीं हो सकते ?

आपने अच्छा मुद्दा उठाया है।
जितने भी मुद्दों पर एकता क़ायम हो सके, अच्छा है वर्ना तो सारी ऊर्जा आपस के टकराव में ही निकल जाएगी और जीनियस लोगों का यह मंच जनसामान्य को उल्लेखनीय कुछ भी न दे पाएगा।

धन्यवाद !

3 comments:

vandana said...

आपके विचारों से सहमत हूँ
दर्द जब हद से गुजर जाएगा
खुदबखुद दवा हो जाएगा

jaydevbarua said...

" देश मेरे आज तू देश भक्तो को देखने के लिए तरसता है "
" और देखा कैसा दिन आ गया है, एक कपूत अपने को सपूत कहता है "
" जो सपूतो की तुलना सरवन कुमार से करू, तो भारत माँ का बोज आज कौन उठाता है ?? "
" यहाँ तो हर कोई अपना बिल पास करना चाहता है "
" राजनीति इतनी बड़ी मंडी है, की इसमें देश भक्ति भी बिकती है "
" देश भक्तो को मंद बुध्दी कहा जाता है "
" यहाँ तो हर कोई देश भक्ति का ढोग करता है और अपना फंड बनाता है "
" फंड बैठकर खाने वाला और देश को सिर्फ बिल दिखाने वाला देश भक्त बन जाता है "
" क्या बदलोगे देश को जब तुम्हारा मन हर-बार बदल जाता है "
" कुछ नहीं दोगे तुम देश को, तुम्हे तो सिर्फ शहीदों के नामो का इस्तमाल करने आता है "
" जो अगर चाहत है , तुमे अब भी बाकि तो तुमेसे कोई एक देश बदलो की आवाज क्यों नहीं लगता है " ??
" जो बिल -बिल का रट्टा तुमने लगा रखा है , देखना उसमे एक दिन कोई सांप घुस जायेगा "
" डसेगा देश को और छोटे शिकारों को निगल जायेगा "
" फिर भी उम्मीद नहीं छोड़ी है मैंने मेरा दिल सच्चे देश भक्तो को अब भी आवाज लगता है "
" जय -हिंद ...जय भारत माँ "

KAVITA said...

badiya chitansheel prastuti..

‘ब्लॉग की ख़बरें‘

1- क्या है ब्लॉगर्स मीट वीकली ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_3391.html

2- किसने की हैं कौन करेगा उनसे मोहब्बत हम से ज़्यादा ?
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

3- क्या है प्यार का आवश्यक उपकरण ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

4- एक दूसरे के अपराध क्षमा करो
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

5- इंसान का परिचय Introduction
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/introduction.html

6- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- बेवफा छोड़ के जाता है चला जा
http://kunwarkusumesh.blogspot.com/2011/07/blog-post_11.html#comments

9- इस्लाम और पर्यावरण: एक झलक
http://www.hamarianjuman.com/2011/07/blog-post.html

10- दुआ की ताक़त The spiritual power
http://ruhani-amaliyat.blogspot.com/2011/01/spiritual-power.html

11- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

12- शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड-4
http://shakuntalapress.blogspot.com/

13- वाह री, भारत सरकार, क्या खूब कहा
http://bhadas.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

14- वैश्विक हुआ फिरंगी संस्कृति का रोग ! (HIV Test ...)
http://sb.samwaad.com/2011/07/blog-post_16.html

15- अमीर मंदिर गरीब देश
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

16- मोबाइल : प्यार का आवश्यक उपकरण Mobile
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/mobile.html

17- आपकी तस्वीर कहीं पॉर्न वेबसाइट पे तो नहीं है?
http://bezaban.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

18- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम अब तक लागू नहीं
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

19- दुनिया में सबसे ज्यादा शादियाँ करने वाला कौन है?
इसका श्रेय भारत के ज़ियोना चाना को जाता है। मिजोरम के निवासी 64 वर्षीय जियोना चाना का परिवार 180 सदस्यों का है। उन्होंने 39 शादियाँ की हैं। इनके 94 बच्चे हैं, 14 पुत्रवधुएं और 33 नाती हैं। जियोना के पिता ने 50 शादियाँ की थीं। उसके घर में 100 से ज्यादा कमरे है और हर रोज भोजन में 30 मुर्गियाँ खर्च होती हैं।
http://gyaankosh.blogspot.com/2011/07/blog-post_14.html

20 - ब्लॉगर्स मीट अब ब्लॉग पर आयोजित हुआ करेगी और वह भी वीकली Bloggers' Meet Weekly
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/bloggers-meet-weekly.html

21- इस से पहले कि बेवफा हो जाएँ
http://www.sahityapremisangh.com/2011/07/blog-post_3678.html

22- इसलाम में आर्थिक व्यवस्था के मार्गदर्शक सिद्धांत
http://islamdharma.blogspot.com/2012/07/islamic-economics.html

23- मेरी बिटिया सदफ स्कूल क्लास प्रतिनिधि का चुनाव जीती
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_2208.html

24- कुरआन का चमत्कार

25- ब्रह्मा अब्राहम इब्राहीम एक हैं?

26- कमबख़्तो ! सीता माता को इल्ज़ाम न दो Greatness of Sita Mata

27- राम को इल्ज़ाम न दो Part 1

28- लक्ष्मण को इल्ज़ाम न दो

29- हरेक समस्या का अंत, तुरंत

30-
अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दो

साहित्य की ताज़ा जानकारी

1- युद्ध -लुईगी पिरांदेलो (मां-बेटे और बाप के ज़बर्दस्त तूफ़ानी जज़्बात का अनोखा बयान)
http://pyarimaan.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

2- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

3- आतंकवादी कौन और इल्ज़ाम किस पर ? Taliban
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/taliban.html

4- तनाव दूर करने की बजाय बढ़ाती है शराब
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

5- जानिए श्री कृष्ण जी के धर्म को अपने बुद्धि-विवेक से Krishna consciousness
http://vedquran.blogspot.com/2011/07/krishna-consciousness.html

6- समलैंगिकता और बलात्कार की घटनाएं क्यों अंजाम देते हैं जवान ? Rape
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/rape.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- ख़ून बहाना जायज़ ही नहीं है किसी मुसलमान के लिए No Voilence
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9- धर्म को उसके लक्षणों से पहचान कर अपनाइये कल्याण के लिए
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10- बाइबिल के रहस्य- क्षमा कीजिए शांति पाइए
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/03/blog-post.html

11- विश्व शांति और मानव एकता के लिए हज़रत अली की ज़िंदगी सचमुच एक आदर्श है
http://dharmiksahity.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

12- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

13- ‘इस्लामी आतंकवाद‘ एक ग़लत शब्द है Terrorism or Peace, What is Islam
http://commentsgarden.blogspot.com/2011/07/terrorism-or-peace-what-is-islam.html

14- The real mission of Christ ईसा मसीह का मिशन क्या था ? और उसे किसने आकर पूरा किया ? - Anwer Jamal
http://kuranved.blogspot.com/2010/10/real-mission-of-christ-anwer-jamal.html

15- अल्लाह के विशेष गुण जो किसी सृष्टि में नहीं है.
http://quranse.blogspot.com/2011/06/blog-post_12.html

16- लघु नज्में ... ड़ा श्याम गुप्त...
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

17- आपको कौन लिंक कर रहा है ?, जानने के तरीके यह हैं
http://techaggregator.blogspot.com/

18- आदम-मनु हैं एक, बाप अपना भी कह ले -रविकर फैजाबादी

19-मां बाप हैं अल्लाह की बख्शी हुई नेमत

20- मौत कहते हैं जिसे वो ज़िन्दगी का होश है Death is life

21- कल रात उसने सारे ख़तों को जला दिया -ग़ज़ल Gazal

22- मोम का सा मिज़ाज है मेरा / मुझ पे इल्ज़ाम है कि पत्थर हूँ -'Anwer'

23- दिल तो है लँगूर का

24- लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी - Allama Iqbal

25- विवाद -एक लघुकथा डा. अनवर जमाल की क़लम से Dispute (Short story)

26- शीशा हमें तो आपको पत्थर कहा गया (ग़ज़ल)