इंसान को अपनी बेहतरी के लिये खुद ही संघर्ष करना पड़ता है. हरेक इंसान को जानना चाहिये कि उसके लिये क्या बेहतर है ? आज़ादी की सालगिरह मुबारक. जंगे-आज़ादी के नायक अशफाक उल्ला खान देश की गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले अशफाक उल्ला खान जंग-ए-आजादी के महानायक थे।अंग्रेजों ने उन्हें अपने...
बुढापे में दो बूंद पोलियों की गुटकी
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बुढापे में दो बूंद पोलियों की गुटकी, बाज़ू पर अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के तहत
इंजेक्शन की सुई से दवा लगवाई, यह सब हज के मुक़द्दस सफर के लिये जरूरी भी है,
अल्ला...





