हमने अपनी निजी ब्लॉग "डंके की चोट पर" कुछ ऐसी तस्वीरों को प्रकाशित किया है जिसे देखकर पत्थर दिल भी दहल जायेंगे, क्या आप उन्हें देखना चाहेंगे, यदि हाँ तो आ जाईये और बताईये क्या कोई इन्सान ऐसा भी कर सकता है. स्वागत क्लिक करें.
क्या उन लोगों ने इतना भी ग़ौर नहीं किया कि हमने उनसे पहले कितनी उम्मतों को
हलाक कर डाला और वह लोग उनके पास हरगिज़ पलट कर नहीं आ सकते
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क्या उन लोगों ने इतना भी ग़ौर नहीं किया कि हमने उनसे पहले कितनी उम्मतों को
हलाक कर डाला और वह लोग उनके पास हरगिज़ पलट कर नहीं आ सकते (31)
(हाँ) अलबत्ता स...






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