आप देख सकते हैं इस पोस्ट पर यह पूछते हुए कि
अब छोटे शहरों के परिवारों में परंपरा बन रहा नेत्रदान
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अब छोटे शहरों के परिवारों में परंपरा बन रहा नेत्रदान
2. 80 किलोमीटर दूर, कोटा से आयी टीम ने लिया इंद्रगढ़ क्षेत्र का पांचवा
नेत्रदान
शोक की घड़ी में, प...







1 comments:
भाई जान मेहनत से सब कुछ संभव है और भाई अनवर डोक्टर साहब जो महनत कर रहे हैं उससे कोई भी कामयाबी असम्ब्भव हो ही नहीं सकती इंशा अल्लाह कामयाब ही होंगे .अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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