यह जानने के लिए देखें ‘अनवरत‘ पर वकील साहब द्विवेदी जी की मर्माहत कर देने वाली पोस्ट।
http://anvarat.blogspot.com/2011/06/blog-post_22.html
जाने क्यों तुझे मैंने फिर पुकारा नहीं
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जाने क्यों तुझे मैंने फिर पुकारा नहीं,
मुश्किल ये कि तेरे बिन गुज़ारा नहीं।
सफ़र लंबा है अभी बड़ी दूर जाना है
अब किसे आवाज़ दूँ कोई सहारा नहीं।
वो अ...







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