Sunday, July 3, 2011

‘हिंदी ब्लॉगिंग गाइड‘ का टाइटिल किसने बनाया है ?

यह जानने के लिए देखिए निम्न पोस्ट
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/hindi-blogging-guide-4.html
साथ ही जानिए ब्लॉगिंग की आचार संहिता
जनाब रूपचंद शास्त्री जी की क़लम से।

10 comments:

शिखा कौशिक said...

abhi jate hain is post par .jo aagya gurudev !

शालिनी कौशिक said...

yahan to pahle hi ho aaye hain aap to aaj late ho gaye shayad train me honge aur vah bhi nauchandi express me.

महेश बारमाटे "माही" said...

hindi blogging ka mukhya prushth
bahut sundar bna hai...

badhai

शिखा कौशिक said...

mukhay prashth par hindi -shabdon ka prayog hona chahiye .jaise-''hindi chithhakari margdarshika ''.ye kuch uchit nahi ki hindi ki chithhakari aur english shabdon se saja mukhay prashthh.

DR. ANWER JAMAL said...

आसान शब्द यूज़ करेंगे हम लोग
@ शालिनी जी और महेश जी ! आपने पोस्ट पर टाइटिल डिज़ायन करने वाले एजाज़ भाई के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा ?

@ शिखा जी ! हमें अपनी बात उन लोगों तक पहुंचानी है जो कि हिंदी का औसत ज्ञान रखते हैं। लिहाज़ा हमें शब्द भी वही इस्तेमाल करने होंगे जिन्हें आम लोग समझ सकें।
‘चिठ्ठाकारी‘ और ‘मार्गदर्शिका‘ को समझ लेना हरेक के बस की बात नहीं है जबकि ‘ब्लॉगिंग और गाइड शब्दों को समझने वाले लोग अपेक्षाकृत ज़्यादा हैं।
एड कंपनियां इस बात को बहुत बारीकी से वॉच करती हैं और वे अपने उत्पाद के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को बताने के लिए हल्के-फुल्के और आसानी से समझ आने वाले अल्फ़ाज़ ही इस्तेमाल करते हैं।
आपके लेख के बहुत से अल्फ़ाज़ भी मैंने एडिटिंग के दौरान इसी लिए चेंज कर दिए हैं।
आपके लेख में मैंने बिंदी तक का करेक्शन किया है।
एक बार आप अपने भेजे हुए लेख और प्रकाशित लेख की तुलना करके देखें और बताएं कि कौन से शब्द ज़्यादा लोग समझेंगे ?
आसान शब्द यूज़ करेंगे तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह हिंदी नहीं रह जाएगी।
रामायण के मुक़ाबले रामचरित मानस की अधिक लोकप्रियता के पीछे भी राज़ यही है कि मानस लोगों की समझ में आने वाली भाषा में है।
धन्यवाद !

शालिनी कौशिक said...

mafi chahoongi ki ezaz sahab ke bare me kuchh nahi kaha achchha hai ki aap jaise chaitane vale hain .blogging guide ka jo swaroop ezaz ji ne nishchit kiya hai vah kabil-e-tareef hai.
main aapki is bat se bhi sahmat hoon ki jise jyada log samjhe vahi bhasha apnayi jaye.
shikha ji hindi me ph.d. kar rahi hain isliye hindi ke liye jyada sochti hain aap unki salah ko anyatha mat len.jo man me aaye vahi karen kyonki aapke man me sahi bat hi aati hai.

महेश बारमाटे "माही" said...

एजाज़ भाई !
वे जितने अच्छे मराठी के जानकार, व मराठी में लिखने वाले ब्लॉगर कवि हैं...
उतने ही अच्छे ग्राफिक्स डिजाईन में पारंगत भी...

आज मुझे दुःख होता है कि मैं एक मराठी परिवार से होकर भी मराठी में कुछ भी नहीं लिख सकता, खैर छोडो इस बात को...

एजाज़ भाई की मेहनत का कोई मोल नहीं... उन्होंने जो टाइटल पेज हिंदी ब्लॉग्गिंग गाइड के लिए बनाया है वह काबिल-ए-तारीफ के ऊपर भी कुछ होता होगा तो वह है...

बहुत बढ़िया टाइटल बनाने के लिए उनका सहृदय आभार...

पर उनसे एक गिला है मुझे कि उन्होंने सन २००८ के बाद कुछ भी नहीं लिखा ब्लॉग पे अपने...

चाहे वह कारण जो भी रहा हो पर उनको ब्लॉग्गिंग नहीं छोडनी चाहिए थी...

आशा है कि बहुत जल्द फिर हमारे बीच आयेंगे...
अपनी कुछ नयी रचनाओं के साथ...

DR. ANWER JAMAL said...

@ प्रिय महेश जी ! आपने मालूम नहीं किन साहब का ब्लॉग देख लिया है ?
एजाज़ साहब के बारे में जानने के लिए आपको देखना होगा उनका प्रोफ़ाइल नीचे दिए गए लिंक पर जाकर
Ejaz Ul Haq-प्रेम संदेस

DR. ANWER JAMAL said...

टाइटिल पर ‘हिंदी चिठ्ठाकारी मार्गदर्शिका‘
@ शालिनी जी ! हम सब लोग एक टीम हैं और मिलकर काम कर रहे हैं। हम सभी हिंदी की तरक्क़ी चाहते हैं। हम सभी ब्लॉगिंग को और समाज को कुछ बेहतर बनाना चाहते हैं। इसी के लिए हम सब चिंतन करते हैं।
शिखा जी के मन में अगर कुछ विचार आया है और उन्होंने उसे प्रकट कर दिया है तो इसमें कोई बुराई नहीं है। जो नाम, ‘हिंदी चिठ्ठाकारी मार्गदर्शिका‘, वह सुझा रही हैं। हम उस नाम को भी टाइटिल पर लिखवा देंगे। इस तरह दोनों नाम टाइटिल पर आ जाएंगे।
वह एक स्कॉलर हैं और हम उनका दिल से सम्मान करते हैं। उनकी बात को रद्द करते हुए ख़ुद हमारे दिल पर भी ज़ोर पड़ता है। हमने आज तक अपनी किसी भी बहन की कोई बात रद्द नहीं की है लिहाज़ा आप में से किसी की बात भला कैसे रद्द की जा सकती है ?
हम ख़ुद बहुत क्लिष्ट हिंदी बोलने लगे थे, जब हम दसवीं कक्षा में थे। हमें हिंदी प्रिय है और क्लिष्ट हिंदी बोलकर अलग ही आनंद आता है लेकिन जन-संपर्क के समय हमें अपने मिज़ाज को संबोधित समूह की योग्यता के अनुरूप बदलना पड़ता है। उम्मीद है कि आप इस बात को समझेंगी।
रही बात अन्यथा लेने की तो नेक सलाह को अन्यथा कभी नहीं लेता अनवर जमाल बल्कि अगर कोई गुरू घंटाल भी कहता है तो भी हम कभी अन्यथा नहीं लेते। शब्दों के साथ कहने वाले का भाव और उसका इतिहास भी तो देखा जाता है।
सभी साथियों के अच्छे सुझावों का सदा स्वागत है।

धन्यवाद !!!

महेश बारमाटे "माही" said...

maafi chahunga Anwer ji aur Ezaz ji..

kyonki jara si spelling mistake se bahut kuchh galat ho gya...

ezaz ji kaa kaam bahut badhiya hai... or naya title bhi bahut achcha hai...

‘ब्लॉग की ख़बरें‘

1- क्या है ब्लॉगर्स मीट वीकली ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_3391.html

2- किसने की हैं कौन करेगा उनसे मोहब्बत हम से ज़्यादा ?
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

3- क्या है प्यार का आवश्यक उपकरण ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

4- एक दूसरे के अपराध क्षमा करो
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

5- इंसान का परिचय Introduction
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/introduction.html

6- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- बेवफा छोड़ के जाता है चला जा
http://kunwarkusumesh.blogspot.com/2011/07/blog-post_11.html#comments

9- इस्लाम और पर्यावरण: एक झलक
http://www.hamarianjuman.com/2011/07/blog-post.html

10- दुआ की ताक़त The spiritual power
http://ruhani-amaliyat.blogspot.com/2011/01/spiritual-power.html

11- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

12- शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड-4
http://shakuntalapress.blogspot.com/

13- वाह री, भारत सरकार, क्या खूब कहा
http://bhadas.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

14- वैश्विक हुआ फिरंगी संस्कृति का रोग ! (HIV Test ...)
http://sb.samwaad.com/2011/07/blog-post_16.html

15- अमीर मंदिर गरीब देश
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

16- मोबाइल : प्यार का आवश्यक उपकरण Mobile
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/mobile.html

17- आपकी तस्वीर कहीं पॉर्न वेबसाइट पे तो नहीं है?
http://bezaban.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

18- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम अब तक लागू नहीं
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

19- दुनिया में सबसे ज्यादा शादियाँ करने वाला कौन है?
इसका श्रेय भारत के ज़ियोना चाना को जाता है। मिजोरम के निवासी 64 वर्षीय जियोना चाना का परिवार 180 सदस्यों का है। उन्होंने 39 शादियाँ की हैं। इनके 94 बच्चे हैं, 14 पुत्रवधुएं और 33 नाती हैं। जियोना के पिता ने 50 शादियाँ की थीं। उसके घर में 100 से ज्यादा कमरे है और हर रोज भोजन में 30 मुर्गियाँ खर्च होती हैं।
http://gyaankosh.blogspot.com/2011/07/blog-post_14.html

20 - ब्लॉगर्स मीट अब ब्लॉग पर आयोजित हुआ करेगी और वह भी वीकली Bloggers' Meet Weekly
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/bloggers-meet-weekly.html

21- इस से पहले कि बेवफा हो जाएँ
http://www.sahityapremisangh.com/2011/07/blog-post_3678.html

22- इसलाम में आर्थिक व्यवस्था के मार्गदर्शक सिद्धांत
http://islamdharma.blogspot.com/2012/07/islamic-economics.html

23- मेरी बिटिया सदफ स्कूल क्लास प्रतिनिधि का चुनाव जीती
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_2208.html

24- कुरआन का चमत्कार

25- ब्रह्मा अब्राहम इब्राहीम एक हैं?

26- कमबख़्तो ! सीता माता को इल्ज़ाम न दो Greatness of Sita Mata

27- राम को इल्ज़ाम न दो Part 1

28- लक्ष्मण को इल्ज़ाम न दो

29- हरेक समस्या का अंत, तुरंत

30-
अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दो

साहित्य की ताज़ा जानकारी

1- युद्ध -लुईगी पिरांदेलो (मां-बेटे और बाप के ज़बर्दस्त तूफ़ानी जज़्बात का अनोखा बयान)
http://pyarimaan.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

2- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

3- आतंकवादी कौन और इल्ज़ाम किस पर ? Taliban
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/taliban.html

4- तनाव दूर करने की बजाय बढ़ाती है शराब
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

5- जानिए श्री कृष्ण जी के धर्म को अपने बुद्धि-विवेक से Krishna consciousness
http://vedquran.blogspot.com/2011/07/krishna-consciousness.html

6- समलैंगिकता और बलात्कार की घटनाएं क्यों अंजाम देते हैं जवान ? Rape
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/rape.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- ख़ून बहाना जायज़ ही नहीं है किसी मुसलमान के लिए No Voilence
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/no-voilence.html

9- धर्म को उसके लक्षणों से पहचान कर अपनाइये कल्याण के लिए
http://charchashalimanch.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

10- बाइबिल के रहस्य- क्षमा कीजिए शांति पाइए
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/03/blog-post.html

11- विश्व शांति और मानव एकता के लिए हज़रत अली की ज़िंदगी सचमुच एक आदर्श है
http://dharmiksahity.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

12- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

13- ‘इस्लामी आतंकवाद‘ एक ग़लत शब्द है Terrorism or Peace, What is Islam
http://commentsgarden.blogspot.com/2011/07/terrorism-or-peace-what-is-islam.html

14- The real mission of Christ ईसा मसीह का मिशन क्या था ? और उसे किसने आकर पूरा किया ? - Anwer Jamal
http://kuranved.blogspot.com/2010/10/real-mission-of-christ-anwer-jamal.html

15- अल्लाह के विशेष गुण जो किसी सृष्टि में नहीं है.
http://quranse.blogspot.com/2011/06/blog-post_12.html

16- लघु नज्में ... ड़ा श्याम गुप्त...
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

17- आपको कौन लिंक कर रहा है ?, जानने के तरीके यह हैं
http://techaggregator.blogspot.com/

18- आदम-मनु हैं एक, बाप अपना भी कह ले -रविकर फैजाबादी

19-मां बाप हैं अल्लाह की बख्शी हुई नेमत

20- मौत कहते हैं जिसे वो ज़िन्दगी का होश है Death is life

21- कल रात उसने सारे ख़तों को जला दिया -ग़ज़ल Gazal

22- मोम का सा मिज़ाज है मेरा / मुझ पे इल्ज़ाम है कि पत्थर हूँ -'Anwer'

23- दिल तो है लँगूर का

24- लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी - Allama Iqbal

25- विवाद -एक लघुकथा डा. अनवर जमाल की क़लम से Dispute (Short story)

26- शीशा हमें तो आपको पत्थर कहा गया (ग़ज़ल)