(सरकार कुछ देना चाहे और नागरिक आपसी मतभेद के कारण उसे ले नहीं पायें तो दोष किसका..?...कुछ ऐसी ही कहानी है झारखंड के चर्चित कोयलांचल धनबाद के बाघमारा प्रखंड के अनुमंडल निर्माण की. लम्बे आंदोलन के बाद सरकार राजी हुई तो दो उपनगरों के बीच मुख्यालय के स्थल चयन को लेकर ठन गयी....इस प्रकरण पर शंकर साव की रिपोर्ट...
उज़्बेकिस्तान में हिंदी की समकालीन सांस्कृतिक सेतु-निर्माता: डॉ. नीलुफ़र
ख़ोदजायेवा का भाषा, साहित्य, अनुवाद और भारतविद्या में योगदान
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उज़्बेकिस्तान में हिंदी की समकालीन सांस्कृतिक सेतु-निर्माता:
डॉ. नीलुफ़र ख़ोदजायेवा का भाषा, साहित्य, अनुवाद और भारतविद्या में योगदान
डॉ मनीष कुमार मिश्...







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