Tuesday, April 16, 2013

Ravindra Prabhat और उनके सहयोगियों द्वारा अन्य ब्लॉग्स को बकवास बताना मानवर्धन या मानहानि ?



'मंगलायतन' ब्लॉग पर आज हिन्दी ब्लॉगर्स यह पढ़ रहे हैं-

डचे वेले के बोब्स ब्लॉग पुरस्कार के टॉप टेन मे नामित हिन्दी ब्लॉग के चयन पर रबिश कुमार के सिविक सेंस पर उंगली उठाई है रवीन्द्र प्रभात ने और कहा है कि यह चयन स्तरीय नहीं है । उन्होने केवल चार ब्लॉग को ही बेहतर नामित ब्लॉग माना है, बाकी छ: ब्लॉग को बकबास ।


रविन्द्र प्रभात जी ने ‘तस्लीम‘ ब्लॉग को वोट देने की अपील की है और उसके बाद 3 अन्य ब्लॉग्स को भी अच्छा बताया है। इस तरह उनकी पसंद के 4 ब्लॉग्स के नाम सामने आ जाते हैं और कुल 10 ब्लॉग्स में इन ब्लॉग्स को निकालने के बाद ये छः ब्लॉग्स बचते हैं-


हिंदी का सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग...
अन्ना हज़ारे
आधारभूत ब्रह्मांड
विज्ञान
इन 6 ब्लॉग्स को मंगलायतन पर रविन्द्र प्रभात जी के हवाले से बकबास बताया जा रहा है। उनके हवाले 6 ब्लॉग्स को बकबास कहने वाले को ‘बकवास‘ शब्द को सही लिखना तक नहीं आता और बकवास करने से बाज़ नहीं आया। इस तरह के ब्लॉगर्स रविन्द्र प्रभात जी की बात को बकवास नहीं मानते लेकिन दूसरे ब्लॉगर्स उनके नज़रिए से आहत हैं।
आजकल ‘मानहानि‘ का डर दिखाया जा रहा है लेकिन रविन्द्र मंडल के कार्यकर्ता हिन्दी की सेवा करने वाले ब्लॉग्स को ‘बकबास‘ बताकर उनकी मानहानि कर रहे हैं। इससे हिन्दी ब्लॉगर्स में रोष है। 2-3 ब्लॉगर्स की प्रतिक्रियाएं देखकर पता चलता है कि उन्हें यह ज़्यादा ही नागवार गुज़रा है।

‘नारी‘ ब्लॉग की संस्थापिका से एक ईमेल मिली है जिसमें उन्होंने 3 लिंक भेजे हैं। ये तीनों लिंक भी आजकल हिन्दी ब्लॉगर्स के दरम्यान काफ़ी पढ़े जा रहे हैं। इन पोस्ट्स का केन्द्रीय विषय रविन्द्र प्रभात जी ही हैं। इन्हें देखकर पता चलता है कि रविन्द्र प्रभात जी छुपे रूस्तम हैं।  इन पोस्ट्स में कई सच्चाईयां उजागर की गई हैं। फिर भी पूरी बात सामने आना अभी बाक़ी है। देखिए-

रचना
11:30 PM (0 minutes ago)
to me

अंत में एक सवाल रविन्द्र प्रभात जी से यह कि
‘भाई साहब ! आपको किसने हक़ दिया है कि आप ‘बॉब्स पुरस्कार 2013‘ में नामित 6 ब्लॉग्स को बकबास बताएं और उनके चयन के कारण श्री रविश कुमार जी के सिविक सेंस पर सवालिया निशान लगाएं ?
आपको अपनी इस कथन के लिए हिन्दी ब्लॉग जगत से उमूमन और संबंधित 6 ब्लॉगर्स से ख़ुसूसन माफ़ी मांग लेनी चाहिए।
अपनी ग़लती पर अड़ने वाले कभी अच्छे लोग नहीं होते और ग़लती स्पष्ट है ही।
यह एक दुखद प्रकरण है। माफ़ी मांग कर इसे समाप्त करना ही बेहतर है। दूसरों पर कीचड़ उछालने से दूसरों पर वह गिरे या न गिरे लेकिन अपने हाथ ज़रूर गंदे हो जाते हैं।
इस पोस्ट का रवीन्द्र प्रभात जी से कोई संबंध नहीं है और न ही यह आजकल ज़्यादा पढ़ी जा रही है लेकिन इस पोस्ट पर रवीन्द्र प्रभात जी के हिमायतियों की कुछ टिप्पणियां हैं। जिनमें यह देखा जा सकता है कि वे दूसरों को क्या नसीहतें देते हैं और ख़ुद दूसरों के ब्लॉग को ‘बकबास‘ :( बताते समय उन्हें भूल जाते हैं।

बड़ा ब्लॉगर वह है जो कमाता है

इस तरह हिन्दी ब्लॉगर्स को अपनी आय का स्रोत बनाने की घटिया मानसिकता बेनक़ाब हो जाती है। इसी के साथ गुटबाज़ी और रंजिश की एक बड़ी वजह भी सामने आ जाती है।
नोटः मंगलायतन ब्लॉग की पोस्ट का स्क्रीन शॉट सुरक्षित है। उसमें किसी तरह के हेर-फेर की कोशिश कामयाब न होगी।

10 comments:

डॉ शिखा कौशिक ''नूतन '' said...

IT'S NICE TO SEE YOU WITH RACHNA JI -SAME SIDE .

DR. ANWER JAMAL said...

@ शिखा जी ! मतभेद का यह मतलब नहीं होता कि किसी से अपने दिल में बैर पाल लिया जाए या उसकी सही बात का भी समर्थन न किया जाए.
जो लोग रचना जी को जर्मनी जाते देखना चाहते हैं, उनमें से एक आपका भाई भी है.
यहाँ मुद्दा उनके विचारों का नहीं है बल्कि हिंदी का है और हमारे लिए हिंदी के साथ नारी का भी है.
हिन्दुस्तानी नारी को सम्मान दिलाने के लिए हम कुछ भी कर सकते हैं.

धन्यवाद.

Dr. Ayaz Ahmad said...

ब्लोगिंग का माज़ी(इतिहास) लिखने वाले उसका वर्तमान ख़राब कर रहे हैं. यह देखना अच्छा नहीं लगता.
शोहरत की भूख के लिए आदमी वह सब कर गुज़रता है जो कि नहीं करना चाहिए.
रविन्द्र परभात जी किसी ब्लॉग को अच्छा कहें तो सही है लेकिन वे या उनके हमनवा दुसरे ब्लोगों को बकवास कहने का हक नहीं रखते.
ईनामके लिए नामित महिला ब्लोगर कि ईमेल ने तो उनके बारे में बहुत कुछ बिना कहे कह दिया है.

shyam gupta said...

भैया सारे के सारे बकवास ब्लॉग ही तो छांटे गए हैं ....इन जर्मनी वाले को क्या पता हिन्दी और साहित्य क्या होता है ....

shyam gupta said...

फिर हिन्दी और नारी का जर्मनी से क्या सम्बन्ध ...

रमेश कुमार जैन उर्फ निर्भीक said...

आपस की लड़ाई और खींचतान ने ब्लॉग जगत का कितना नुकसान कर दिया है. किसी को खबर नहीं.

Ratan singh shekhawat said...
This comment has been removed by the author.
Ratan singh shekhawat said...

अपनी पसंद के ब्लॉग की सराहना करने का तो सबको हक़ है पर किसी ब्लॉग को बकवास कहना गलत है चाहे वह कोई भी कहे !!
जो भी हो इस तरह का विवाद दुखद है !!
Gyan Darpan

DR. ANWER JAMAL said...

@ डा. श्याम गुप्ता जी ! आपको कुछ पता तो है नहीं और राय दे डालते हैं. आपके ऐसे ही एक अन्य बयान का पोस्टमार्टम यहाँ फ़रमाया गया है-
Hindi Bloggers सब चवन्नी छाप हैं-डा. श्याम गुप्ता
http://blogkikhabren.blogspot.in/2013/04/hindi-bloggers_12.html

इसे पढ़िए और कुछ सुधर जाईये.

पूरण खण्डेलवाल said...

कहने वाले कहते रहते हैं उन पर ध्यान देना बेबात का विवाद पैदा करना होता है और विवादों को जितना बढ़ाया जाएगा उतनें ही आगे बढते जायेंगे !!

‘ब्लॉग की ख़बरें‘

1- क्या है ब्लॉगर्स मीट वीकली ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_3391.html

2- किसने की हैं कौन करेगा उनसे मोहब्बत हम से ज़्यादा ?
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

3- क्या है प्यार का आवश्यक उपकरण ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

4- एक दूसरे के अपराध क्षमा करो
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

5- इंसान का परिचय Introduction
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/introduction.html

6- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- बेवफा छोड़ के जाता है चला जा
http://kunwarkusumesh.blogspot.com/2011/07/blog-post_11.html#comments

9- इस्लाम और पर्यावरण: एक झलक
http://www.hamarianjuman.com/2011/07/blog-post.html

10- दुआ की ताक़त The spiritual power
http://ruhani-amaliyat.blogspot.com/2011/01/spiritual-power.html

11- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

12- शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड-4
http://shakuntalapress.blogspot.com/

13- वाह री, भारत सरकार, क्या खूब कहा
http://bhadas.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

14- वैश्विक हुआ फिरंगी संस्कृति का रोग ! (HIV Test ...)
http://sb.samwaad.com/2011/07/blog-post_16.html

15- अमीर मंदिर गरीब देश
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

16- मोबाइल : प्यार का आवश्यक उपकरण Mobile
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/mobile.html

17- आपकी तस्वीर कहीं पॉर्न वेबसाइट पे तो नहीं है?
http://bezaban.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

18- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम अब तक लागू नहीं
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

19- दुनिया में सबसे ज्यादा शादियाँ करने वाला कौन है?
इसका श्रेय भारत के ज़ियोना चाना को जाता है। मिजोरम के निवासी 64 वर्षीय जियोना चाना का परिवार 180 सदस्यों का है। उन्होंने 39 शादियाँ की हैं। इनके 94 बच्चे हैं, 14 पुत्रवधुएं और 33 नाती हैं। जियोना के पिता ने 50 शादियाँ की थीं। उसके घर में 100 से ज्यादा कमरे है और हर रोज भोजन में 30 मुर्गियाँ खर्च होती हैं।
http://gyaankosh.blogspot.com/2011/07/blog-post_14.html

20 - ब्लॉगर्स मीट अब ब्लॉग पर आयोजित हुआ करेगी और वह भी वीकली Bloggers' Meet Weekly
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/bloggers-meet-weekly.html

21- इस से पहले कि बेवफा हो जाएँ
http://www.sahityapremisangh.com/2011/07/blog-post_3678.html

22- इसलाम में आर्थिक व्यवस्था के मार्गदर्शक सिद्धांत
http://islamdharma.blogspot.com/2012/07/islamic-economics.html

23- मेरी बिटिया सदफ स्कूल क्लास प्रतिनिधि का चुनाव जीती
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_2208.html

24- कुरआन का चमत्कार

25- ब्रह्मा अब्राहम इब्राहीम एक हैं?

26- कमबख़्तो ! सीता माता को इल्ज़ाम न दो Greatness of Sita Mata

27- राम को इल्ज़ाम न दो Part 1

28- लक्ष्मण को इल्ज़ाम न दो

29- हरेक समस्या का अंत, तुरंत

30-
अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दो

साहित्य की ताज़ा जानकारी

1- युद्ध -लुईगी पिरांदेलो (मां-बेटे और बाप के ज़बर्दस्त तूफ़ानी जज़्बात का अनोखा बयान)
http://pyarimaan.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

2- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

3- आतंकवादी कौन और इल्ज़ाम किस पर ? Taliban
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/taliban.html

4- तनाव दूर करने की बजाय बढ़ाती है शराब
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

5- जानिए श्री कृष्ण जी के धर्म को अपने बुद्धि-विवेक से Krishna consciousness
http://vedquran.blogspot.com/2011/07/krishna-consciousness.html

6- समलैंगिकता और बलात्कार की घटनाएं क्यों अंजाम देते हैं जवान ? Rape
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/rape.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- ख़ून बहाना जायज़ ही नहीं है किसी मुसलमान के लिए No Voilence
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/no-voilence.html

9- धर्म को उसके लक्षणों से पहचान कर अपनाइये कल्याण के लिए
http://charchashalimanch.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

10- बाइबिल के रहस्य- क्षमा कीजिए शांति पाइए
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/03/blog-post.html

11- विश्व शांति और मानव एकता के लिए हज़रत अली की ज़िंदगी सचमुच एक आदर्श है
http://dharmiksahity.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

12- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

13- ‘इस्लामी आतंकवाद‘ एक ग़लत शब्द है Terrorism or Peace, What is Islam
http://commentsgarden.blogspot.com/2011/07/terrorism-or-peace-what-is-islam.html

14- The real mission of Christ ईसा मसीह का मिशन क्या था ? और उसे किसने आकर पूरा किया ? - Anwer Jamal
http://kuranved.blogspot.com/2010/10/real-mission-of-christ-anwer-jamal.html

15- अल्लाह के विशेष गुण जो किसी सृष्टि में नहीं है.
http://quranse.blogspot.com/2011/06/blog-post_12.html

16- लघु नज्में ... ड़ा श्याम गुप्त...
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

17- आपको कौन लिंक कर रहा है ?, जानने के तरीके यह हैं
http://techaggregator.blogspot.com/

18- आदम-मनु हैं एक, बाप अपना भी कह ले -रविकर फैजाबादी

19-मां बाप हैं अल्लाह की बख्शी हुई नेमत

20- मौत कहते हैं जिसे वो ज़िन्दगी का होश है Death is life

21- कल रात उसने सारे ख़तों को जला दिया -ग़ज़ल Gazal

22- मोम का सा मिज़ाज है मेरा / मुझ पे इल्ज़ाम है कि पत्थर हूँ -'Anwer'

23- दिल तो है लँगूर का

24- लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी - Allama Iqbal

25- विवाद -एक लघुकथा डा. अनवर जमाल की क़लम से Dispute (Short story)

26- शीशा हमें तो आपको पत्थर कहा गया (ग़ज़ल)