ग़ज़लगंगा.dg: ग़म की धूप न खाओगे तो खुशियों की बरसात न होगी: ग़म की धूप न खाओगे तो खुशियों की बरसात न होगी . दिन की कीमत क्या समझोगे जबतक काली रात न होगी . जीवन के इक मोड़ पे आकर हम फिर से मिल...
मानव सेवा ही ईश्वर सेवा का सर्वोच्च स्वरूप - बिरला*
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मानव सेवा ही ईश्वर सेवा का सर्वोच्च स्वरूप - बिरला*
- श्री राम धर्मार्थ चिकित्सालय का 31वाँ वार्षिकोत्सव
के डी अब्बासी
कोटा, 22 जनवरी। लोकसभा अध्यक्ष ओम...