ग़ज़लगंगा.dg: ग़म की धूप न खाओगे तो खुशियों की बरसात न होगी: ग़म की धूप न खाओगे तो खुशियों की बरसात न होगी . दिन की कीमत क्या समझोगे जबतक काली रात न होगी . जीवन के इक मोड़ पे आकर हम फिर से मिल...
कोटा महोत्सव कोटा के स्वतंत्रता सेनानी, विकास करने वाले सियासी लोग,
पत्रकार, साहित्यकार, शिल्पकार जैसे लोगों के बगैर बेमानी है, दिखावा है,
अख्तर खान अकेला ने कोटा ज़िला कलेक्टर को इस आयोजन को निष्पक्ष, गेर राजनीतिक
बहुपक्षीय कोटा को कोटा बनाने वालों को सम्मान देने वाला बनाने के सुझावों के
साथ विस्तृत पत्र लिखकर इसे ना कोंग्रेस का ना भाजपा का ना किसी व्यक्ति, धर्म
मज़हब का बनाने की जगह सभी का हम कोटा वासियों के उत्सव बनाने की मांग की है,
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कोटा महोत्सव कोटा के स्वतंत्रता सेनानी, विकास करने वाले सियासी लोग,
पत्रकार, साहित्यकार, शिल्पकार जैसे लोगों के बगैर बेमानी है, दिखावा है,
अख्तर खान अक...








