ग़ज़लगंगा.dg: ग़म की धूप न खाओगे तो खुशियों की बरसात न होगी: ग़म की धूप न खाओगे तो खुशियों की बरसात न होगी . दिन की कीमत क्या समझोगे जबतक काली रात न होगी . जीवन के इक मोड़ पे आकर हम फिर से मिल...
हिन्दी : पक्ष – प्रतिपक्ष
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* हिं*दी के पक्ष में जिस भावुकता के साथ तर्क रखे जाते हैं उन्होंने
हिंदी का कोई भला नहीं किया अपितु नुकसान ही अधिक हुआ । हिंदी की पक्षधरता में...








