ग़ज़लगंगा.dg: ग़म की धूप न खाओगे तो खुशियों की बरसात न होगी: ग़म की धूप न खाओगे तो खुशियों की बरसात न होगी . दिन की कीमत क्या समझोगे जबतक काली रात न होगी . जीवन के इक मोड़ पे आकर हम फिर से मिल...
जाने क्यों तुझे मैंने फिर पुकारा नहीं
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जाने क्यों तुझे मैंने फिर पुकारा नहीं,
मुश्किल ये कि तेरे बिन गुज़ारा नहीं।
सफ़र लंबा है अभी बड़ी दूर जाना है
अब किसे आवाज़ दूँ कोई सहारा नहीं।
वो अ...








