ग़ज़लगंगा.dg: ग़म की धूप न खाओगे तो खुशियों की बरसात न होगी: ग़म की धूप न खाओगे तो खुशियों की बरसात न होगी . दिन की कीमत क्या समझोगे जबतक काली रात न होगी . जीवन के इक मोड़ पे आकर हम फिर से मिल...
"दृष्टिकोण वह कला है जिससे हम वह देख पाते हैं जो दूसरों के लिए अदृश्य है।
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"दृष्टिकोण वह कला है जिससे हम वह देख पाते हैं जो दूसरों के लिए अदृश्य है।"
— जोनाथन स्विफ्ट जयपुर में आयोजित 84वें AIOS सम्मेलन (12-15 मार्च 2026) में
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