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Tuesday, November 24, 2015

Human Today हिंदी मासिक पत्रिका "ह्यूमन टुडे" के लिए रचनाये आमंत्रित

सभी ब्लॉगर मित्रों को नमस्कार
बहुत दिन बाद आप मित्रों के सम्मुख आने का मौका मिला , मित्रों नव प्रकाशित हिंदी मासिक पत्रिका "ह्यूमन टुडे " को सम्पादन करने की जिम्मेदारी मिली है. ऐसे में आपलोगों की याद आनी स्वाभाविक है. भले ही इतने दिनों तक गायब रहा लेकिन आपसे दूर नहीं , मैं चाहता हूँ की जो ब्लॉगर मित्र अपनी रचनाओ के माध्यम से मुझसे जुड़ना चाहते है , मै  उनका सहर्ष स्वागत करता हूँ।  सामाजिक सरोकारों से जुडी इस पत्रिका में आपकी रचनाओ का स्वागत है , जो मित्र मुझसे जुड़ना चाहते हैं वे अपनी रचनाएँ मुझे मेल करें। ।
humantodaypatrika@gmail.com
रचनाएँ राजनितिक , सामाजिक व् ज्ञानवर्धक हो। कविता , कहानी व विभिन्न विषयो पर लेख आमंत्रित।
harish singh ---- editor- Human today

Friday, December 30, 2011

पुनर्जन्म और आवागमन में अंतर

मोक्ष के लिए आपको पुनर्जन्म और आवागमन में अंतर जानना होगा Salvation

साधना वैद जी की रचना 'मोक्ष' देखिये 'वेद कुर'आन' ब्लॉग पर 
और हमारा विश्लेषण भी जो देता है मुक्ति बोध , तुरंत. 
वह ईश्वर हमसे प्रेम करता है। इसीलिए उसने हमें निष्पाप पैदा किया है। बच्चा हरेक मासूम है ,  पिछले पापों का कोई इतिहास किसी का भी नहीं है .
उसने हमें किन्हीं पिछले जन्मों का दंड भुगतने के लिए पैदा नहीं किया है .
पुनर्जन्म और आवागमन में अंतर यह है कि
पुनर्जन्म परलोक में प्रलय के बाद होता है, इसी दुनिया में नहीं।
पुनर्जन्म दो शब्दों का योग है
पुनः और जन्म
जिसका अर्थ है दोबारा जन्म
दोबारा जन्म की बात हरेक धर्म-मत में मौजूद है।
स्वर्ग-नरक की बात भी हरेक धर्म-मत में मौजूद है।
इसी संसार में बार बार जन्म लेना आवागमन कहलाता है.
पुनर्जन्म एक हक़ीक़त है जिसकी पुष्टि सारी दुनिया करती है और आवागमन एक कल्पना है जिसके बारे में उसे मानने वाले तक एकमत नहीं हैं। कोई कहता है कि मनुष्य की आत्मा पशु और वनस्पति दोनों में जाती है और कोई कहता है कि नहीं केवल मुनष्य योनि में ही जाती है औ कोई कहता है कि मनुष्य की आत्मा मानव योनिऔर पशु योनि दोनों में जाती है . आवागमन में विश्वास रखने वाले कुछ ऐसे भी हैं जो कहते हैं कि आत्मा का वुजूद ही नहीं होता . गर्ज़ यह कि हरेक अपनी अटकल से बोल रहा है .
84 लाख योनियों में जन्म-मरण के चक्र से छुटकारे को मोक्ष कहा जाता है।
ईश्वर ने यह चक्र बनाया ही नहीं है, सो मोक्ष तो वह दे चुका है,
बस आपको इसका बोध हो जाए।

Tuesday, December 13, 2011

पूर्वजों की शक्ति का रहस्य ?

### पं. डी. के. शर्मा 'वत्स' ने कहा है और वास्तव में बिल्कुल सही कहा है कि
आयुर्वेद शास्त्र, उसके निघण्टु कोष तथा पाकशास्त्र भी मानव जाति के आहार के विषय में पर्याप्त प्रकाश डालने वाले ग्रन्थ हैं.

आयुर्वेद शास्त्र बताता है कि महान आर्य पूर्वजों की शक्ति का रहस्य क्या था ?

विचार मंथन के लिए प्रेरणा देती उनकी पोस्ट देखिये :

वैदिक संस्कृति और माँसाहार ???

Thursday, October 13, 2011

हिन्दू धर्म की जानकारी

हिन्दू धर्म की जानकारी देने वाली एक साइट

Hindu Rituals and Practices 

http://www.ratana.in/vedas.html

Wednesday, October 12, 2011

इस्लाम में नारी

इस्लाम में महिला का अधिकार क्या है ?
यह सवाल हिंदी ब्लॉग जगत में बहुत पूछा जाता है , यह वेबसाइट इस विषय पर अच्छी जानकारी देती है -
नर और नारी को अपने अधिकार और कर्तव्यों का सही तौर पर पता हो जाए और वे उन्हें अदा भी कर दें तो घर परिवार और समाज में सुख शांति आ जाएगी, इसमें कुछ शक नहीं है.

Tuesday, October 4, 2011

गाज़ियाबाद के मुशायरे में...


ज़ुबां  से कहूं तो है तौहीन उनकी
वो ख़ुद जानते हैं मैं क्या चाहता हूं
-अफ़ज़ल मंगलौरी

जब से छुआ है तुझको महकने लगा बदन
फ़ुरक़त ने तेरी मुझको संदल बना दिया
-अलीम वाजिद

Sunday, October 2, 2011

ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क : मुबारक हो जन्मदिन

आज ब्लॉगप्रहरी के वर्तमान स्वरूप की प्रथम वर्षगाँठ है.
इस सम्बन्ध में एक सूचना टिकर प्रदर्शित है.

"आज २ अक्टूबर को ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क मना रहा है अपनी दूसरी वर्षगांठ. (वर्तमान प्रारूप की पहली वर्षगाँठ ) आप सभी सदस्यों के सहयोग के लिए हम आभारी हैं. आशा है ..आपका और हमारा साथ यूँ ही बना रहे ताकि हम हिंदी को रोजगार की भाषा के रूप में अंतरजाल पर स्थापित कर सकें.. आप हमें बधाई हमारे नंबर +91-9311357479 पर भेज सकते हैं.. चर्चा में भाग लें "
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ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क ने आज अपने स्थापना के दो वर्ष कम्प्लीट कर लिए हैं. इन दो वर्षों में ब्लॉगप्रहरी ने बहुत सारे उतार -चढाव झेले  और सफलताओं के नये कीर्तिमान भी रचे. यह सफलताएं व्यापक परिदृश्य में छोटी हैं, इसका भान हमें बखूबी है, लेकिन हमें उम्मीद है कि आगे आगे आपको बड़ी सफलताएं भी मिलेंगी.
हमारी शुभकामनाएं और हम खुद भी आपके साथ जो हैं .
मुबारक हो जन्मदिन ताकि आप हिंदी कि उन्नति के लिए काम कर सकें.  

"गांधी एक विचार" {चर्चा मंच - 655}

"गांधी एक विचार" {चर्चा मंच - 655}

मित्रों!
आज रविवार है और ब्रॉड-बैंड चल नहीं रहा है ऐसे में तो यही कह सकता हूँ कि केवल ज़िंदा इन्सानों को ही नहीं मुरदों को भी सुरक्षा की जरूरत होती है!!! ऐसे में हिंदी ब्लॉगर्स फ़ोरम इंटरनेशनल HBFI पर पढ़िए दिलबाग विर्क जी की यह अग़ज़ल! मगर क्या करें जी! रिश्तों का सोफ्टवेयर ही ऐसा होता है। *इधर कुछ समय से ब्लॉग की दुनिया में आवाजाही बहुत कम हुई है। लिखने - पढ़ने के क्रम में भी व्यवधान हुआ है, फिर भी कुछ न कुछ भीतर घुमड़ता ही रहता है । क्योंकि बिन बुलाए आयेंगी चीटियाँ ! 
आज हम स्वतंत्र भारत के नागरिक है |यह स्वतंत्रता सरलता से नहीं मिल पाई है | इसके पीछे कई लोगों का योगदान है | कुछ के नाम तो चमके भी पर कई तो गुमनाम ही रह गये क्योंकि गांधी एक विचार है और हम गांधी जी के विचारों को आत्मसात् नहीं कर पाएँ हैं।
ऐसे में तो यही कह सकता हूँ- मुझे ये हक दे दो माँ... तेरी कोख को मैंने है चुना मुझे निराश न करना माँ जीने का हक देकर मुझको उपकार इतना तुम करना माँ अहसास मुझे है तेरे दुख का।
अरे हाँ आज 2 अक्टूबर- लाल बहादुर शास्त्री जी का भी तो जन्मदिन है। देखिए गाँधी जी और शास्त्री जी- हाइगा में !
प्रेम सदा ही मधुर होता है, चाहे लिया जाये या दिया जाये जहां भी होता है यह वहां विश्‍वास स्‍वयं उपजता है किसी के कहने या करने की जरूरत ही नहीं पड़ती क्योंकि स्‍नेह को समर्पित .... होना ही तो प्यार कहलाता है।

Tuesday, September 27, 2011

ब्लॉग प्रहरी का रूख अब अंग्रेजी की ओर

आम तौर पर लोग यह शिकायत करते हैं कि सरकार हिंदी के प्रति उपेक्षा का भाव रखती है लेकिन जो लोग इस तरह की चिंताएं जताया करते हैं उनमें से अक्सर खुद हिंदी के प्रति उदासीन हैं। ऐसे लोगों की उदासीनता के चलते ही हिंदी की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट 'ब्लॉग प्रहरी' को अब अंग्रेजी की ओर रूख करना पड  रहा है।
समय समय पर कनिष्क कश्यप जी से हमारी बातें होती रही हैं और उनकी मेहनत और लगन देखकर हमेशा ही एक अहसास हुआ कि आखिर लोग एक रचनात्मक काम में भी उनका साथ क्यों नहीं दे रहे हैं ?
क्या सिर्फ इसलिए कि वे किसी गुट का हिस्सा नहीं हैं ?
इस गुटबंदी ने हिंदी ब्लॉगिंग का बेड़ा गर्क करके रख दिया है।
हरेक सकारात्मक काम इस गुटबंदी की भेंट चढ  गया है लेकिन ये गुटबाज  अपनी हरकतों से बाज नहीं आते और दुख की बात यह है कि ये बड़े  ब्लॉगर भी कहलाते हैं।

महिलाओं के लिए अघोषित आरक्षण ?

अभी कुछ दिन पहले एक महिला ने अपने लेख मे लिखा की, "ट्रैफ़िक पुलिस वाले, लड़कियों को नियम तोड़ने पर कुछ नही बोलते हैं.  महिला वर्ग से इतनी क्या सहानुभूति हैं? क्या पुलिस वाले इनकी बाइक या स्कूटी से इतने प्रभावित हो जाते हैं कि, इनको ट्रैफ़िक नियमों और विनियमों का आभास करवाना भी भूल जाते हैं. जुर्माना लगाना तो दूर की बात हैं !"
एक लेखिका ने लिखा की " मैं महिलाओं को टिकट बुकिंग काउंटर पर व पब्लिक ट्रांस्पोर्टेशन सिस्टम में मिलने वाले किसी भी तरह के आरक्षण का समर्थन करती हूं"   मगर ये मामला पब्लिक ट्रांसपोर्ट,  ATM मशीन,  ट्रफ़िक नियम, बुकिंग काउंटर तक ही सीमित नही है, बल्कि इस अघोषित आरक्षण का दायरा बढ़ता ही जा रहा है,
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आज से अनचाही कॉल, एसएमएस से निजात

मोबाइल पर अनचाही कॉल और एसएमएस अब आपके सुकून भरे पलों में खलल नहीं डाल सकेंगे। टेलीमार्केटिंग कंपनियों का दिन भर ग्राहकों को फोन और एसएमएस कर परेशान करने का दौर अब खत्म हो जाएगा। मंगलवार से दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की ओर बनाया गया नियम लागू होगा। इस नियम के मुताबिक किसी ऑपरेटर को एक सिम से रोजाना 100 से ज्यादा एसएमएस भेजने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
Read entire article

Monday, September 26, 2011

सोमवार, हिंदी ब्लॉग जगत में 'ब्लॉगर्स मीट वीकली' के लिए

एक शायर असद रज़ा के शब्दों में

सहयूनी तशददुद ओ मज़ालिम की वजह से
हालात अगरचे हैं वहां पर बड़े संगीन
ये अज्म से 'अब्बास' के होने लगा है ज़ाहिर
अब जल्द ही हो जाएगा आज़ाद फिलिस्तीन


सहयूनी तशददुद - यहूदियों की हिंसा , मज़ालिम - जुल्म का बहुवचन,


आज सोमवार है और यह दिन हिंदी ब्लॉग जगत में 'ब्लॉगर्स मीट वीकली' के लिए जाना जाता है।

Sunday, September 25, 2011

रोटी का तर्क और गर्भपात

हाल की एक खबर में यह आया कि उत्तर प्रदेश में करीब 40 हजार सिपाहियों की भर्ती होनी है। भर्ती का यह मौका वहां के लोगों के लिए इसलिए भी बड़ा है कि इनमें महिला-पुरुष दोनों के लिए बराबर का मौका  है।
प्रदेश में बेराजगारी का आलम यह है कि गर्भवती युवतियां अपनी कोख के साथ खिलवाड़ कर नौकरी की इस होड़ में शामिल होना चाहती हैं। धन्य हैं वे डॉक्टर भी जो अपने पेशागत धर्म को भूलकर एक अमानवीय और बर्बर ठहराए जाने वाले कृत्य को मदद पहुंचा रहे हैं। महज नौकरी की लालच में बड़े पैमाने पर गर्भपात कराने का ऐसा मामला देश-दुनिया में शायद ही इससे पहले कभी सुना गया हो।

Friday, September 23, 2011

मालिनी मुर्मु की ख़ुदकुशी

Girl kills self as boyfriend dumps her on Facebook

आधुनिकता के नाम पर लड़के और लड़कियां बिना विवाह किए ही संबंध बना रहे हैं और जब दिल भर जाता है तो फिर संबंध तोड़ भी रहे हैं।
इन संबंधों से दोनों को कुछ वक्त के लिए सुकून भी मिलता है और ख़ुशी भी लेकिन जब ये रिश्ते टूटते हैं तो तकलीफ़  भी देते हैं और ज़िल्लत का अहसास भी कराते हैं। बहुत लोग ज़िल्लत और शर्मिंदगी का अहसास लेकर जीते रहते हैं और जो जी नहीं पाते वे ख़ुदकुशी करके मर जाते हैं।
Read entire article...

Wednesday, September 21, 2011

अनुराग शर्मा जी की मशहूर पोस्ट

"यह ग़ददारी के बजाय भूल भी तो हो सकती है, सब की न सही लेकिन कुछ की तरफ़ से तो यह वास्तव में ही भूल है."
डा. दिव्या श्रीवास्तव जी की पोस्ट से पता चला कि वे किन्हीं अनुराग शर्मा जी के लेख से आहत होकर ब्लॉगिंग छोड  रही हैं।
हमें जिज्ञासा हुई कि भई ऐसा कौन सा ब्लॉगर है जो लोहे को भी पिघला सकता है ?
गूगल की मदद भी ली लेकिन कुछ पता न चला।
आज डा. दराल साहब की ताज़ा पोस्ट पर उनका कमेंट देखा।
http://tsdaral.blogspot.com/2011/09/blog-post_20.html
बस फिर क्या था, हमने उस कमेंट की दुम ऐसे पकड  ली जैसे वैतरणी पार करने वाले गय्‌या की दुम थामने की सोचते हैं। पीछा करते करते पूरे ४-५ ब्लॉग देख डाले, तब जाकर वह यादगार पोस्ट नज र आई।
पोस्ट तो ख़ैर अपनी जगह लेकिन वहां कुछ विशिष्ट लोगों के कमेंट भी नज र आए। वहां ऐसे लोग भी नज र आए जो डा. दिव्या जी के भाई बहन होने का आभास देते आ रहे हैं।
हमें लगता है कि पोस्ट ने उन्हें आहत नहीं किया बल्कि अपने भाई बहनों को वहां अपने विरोधी के साथ 'ठठ्‌ठे मारते देखना' वह सहन नहीं कर पाईं।
आप भी देखिए वह मशहूर पोस्ट और उस पर भाई-बहनों के कमेंट्‌स।
बड़ी मुश्किल से लाया हूं आपके लिए

अब कुपोस्ट से आगे क्या होगा ?

“इस्लामी आतंकवाद” की फ़र्ज़ी धारणा को तोड़ती पुस्तक


Hindi translation of bestseller "Who Killed Karkare?"
Book:
 करकरे के हत्यारे कौन ?



भारत में आतंकवाद का असली चेहरा



एस. एम. मुशरिफ़
by S.M. Mushrif
[Former, IG Police, Maharashtra]
368 pages p/b
Price: Rs 250 / US $15  $20
ISBN-10: 81-7221-038-8
ISBN-13: 978-81-7221-038-0
Year: 2010
Publishers: Pharos Media Publishing Pvt Ltd
368 पन्‍नों की यह पुस्तक भारत में “इस्लामी आतंकवाद” की फ़र्ज़ी धारणा को तोड़ती है।

यह उन शक्‍तियों के बारे में पता लगाती है जिनका महाराष्ट्र ए टी एस के प्रमुख हेमंत करकरे ने पर्दाफ़ाश करने की हिम्मत की और आख़िरकार अपने साहस, और सत्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की क़ीमत अपनी जान देकर चुकाई।

एक पुस्तक जो साफ़ तौर पर यह कहती है कि ये “ब्राह्‌मणवादियों” का “ब्राह्‌मणवादी आतंकवाद” है, इस्लामवादियों का “इस्लामी आतंकवाद” नहीं...

See More : http://hbfint.blogspot.com/2011/09/blog-post_689.html

Tuesday, September 20, 2011

चिश्ती साबरी दरवेश गेरूआ रंग भी इस्तेमाल करते हैं

तारकेश्वर गिरी जी जानते तो यह बात न लिखते कि गेरूआ वस्त्र पहनने पर फ़तवा जारी हो जाता।
तारकेश्वर गिरी जी को पता होना चाहिए कि मुसलमान मौलाना सफ़ेद लिबास पहनते हैं और चिश्ती साबरी दरवेश गेरूआ रंग भी इस्तेमाल करते हैं। हिंदू आचार्य और सन्यासी भी इन दोनों रंगों को इस्तेमाल करते हैं और दोनों ने ही आज तक इन दोनों रंगों को लेकर कोई फतवा जारी नहीं किया है।
मोदी भाई साहब ने मुस्लिम टोपी नहीं ली तो उनकी इच्छा।
इसमें मुसलमानों को नाराज  नहीं होना चाहिए।
वैसे भी नाराज  तो उससे हुआ जाता है जिससे प्यार का कोई रिश्ता हो।
हम तो उनसे नाराज  हैं जो टोपियां पहन पहन कर वहां गए, मोदी जी को 'टोपी पहनाने'।
http://taarkeshwargiri.blogspot.com/2011/09/blog-post.html

ब्लॉगर्स मीट वीकली (9) में डॉ. दराल जी का आना


ये मन ये पागल मन मेरा ---

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हमारी मान्यता, हमारे कर्म और हमारी प्रार्थना में समन्वय होना अनिवार्य है , तभी हमारा कल्याण होगा और ऐसा सामूहिक रूप से होना ज़रूरी है . लोग निष्पक्ष हो कर तथ्यों पर विचार करें तो वे सत्य को पा सकते हैं.

सत्य के सूत्र और संकेत हरेक शास्त्र में मौजूद है.
जो लोग किसी शास्त्र में विश्वास रखते हैं और फिर उसके विरुद्ध चलते हैं वे अपनी आत्मा का हनन करते हैं . ऐसे लोग कभी अच्छे लोग नहीं कहलाये जा सकते ., शास्त्रों को आदर देना ही पर्याप्त नहीं है , उनके अनुसार आचरण करना भी ज़रूरी है ., यही वह बात है जिसकी अनदेखी आज सबसे ज्यादा की जा रही है ., विश्व साहित्य में गीता एक अलग और विशिष्ट स्थान रखती है.
निष्पक्ष हो कर तथ्यों पर विचार करें तो सत्य को पा सकते हैं
ब्लॉगर्स मीट वीकली (9) में डॉ. दराल जी का आना अच्छा रहा .,

Monday, September 19, 2011

प्रस्थान या पलायन ? Escape

डा. दिव्या श्रीवास्तव जी अपने ब्लॉग ‘ज़ील‘ पर शायद अब और न लिखेंगी,
कारण उन्होंने यह बताया है कि किन्हीं अनुराग शर्मा जी ने एक पोस्ट लिखकर उनका अपमान कर दिया है और मर्धन्य से ब्लॉगर्स ने उनकी हां में हां मिलाई है।
यहां तक कि पाबला जी ने भी लिख डाला
‘छील कर रख दिया‘
बस यही बातें उन्हें खा गईं और वे हौसला हार बैठीं।
औरत ख़ुद को कितना ही ‘आयरन लेडी‘ लिख ले , लेकिन वास्तव में उसका दिल होता है मोम जैसा ही, जो एक आंच से ही पिघल जाता है और औरत का ही क्या ख़ुद मर्द का दिल भी ऐसा ही होता है चाहे वह कितना कह ले कि मर्द को दर्द नहीं होता।
दर्द भी होता है और टीस भी उठती है।
जो आदमी अपने रब की रज़ा की ख़ातिर उसका पैग़ाम आम करता है, सिर्फ़ वही इस दुख दर्द को ख़ातिर में नहीं लाता, वर्ना तो हरेक आदमी इसके सामने आखि़रकार घुटने टेक ही देता है।
समाज सुधारक बनना कोई हंसी खेल नहीं है।
जो इस राह पर चले वह चलने से पहले ही सोच ले कि
‘इक आग का दरिया है और डूब कर जाना है‘

Tuesday, September 13, 2011

क्या इसे बौद्धिक बेईमानी नहीं कहा जाएगा ?

कैसे बनाया जाए हिंदी को जनभाषा ?

‘ऐ मुहब्बत , ज़िंदाबाद‘
अगर ये हिंदी गाने हैं तो फिर उर्दू गाने किसे कहा जाएगा ?
क्या इसे बौद्धिक बेईमानी नहीं कहा जाएगा ?

http://hbfint.blogspot.com/2011/09/blog-post_9014.html

‘ब्लॉग की ख़बरें‘

1- क्या है ब्लॉगर्स मीट वीकली ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_3391.html

2- किसने की हैं कौन करेगा उनसे मोहब्बत हम से ज़्यादा ?
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

3- क्या है प्यार का आवश्यक उपकरण ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

4- एक दूसरे के अपराध क्षमा करो
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

5- इंसान का परिचय Introduction
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/introduction.html

6- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- बेवफा छोड़ के जाता है चला जा
http://kunwarkusumesh.blogspot.com/2011/07/blog-post_11.html#comments

9- इस्लाम और पर्यावरण: एक झलक
http://www.hamarianjuman.com/2011/07/blog-post.html

10- दुआ की ताक़त The spiritual power
http://ruhani-amaliyat.blogspot.com/2011/01/spiritual-power.html

11- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

12- शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड-4
http://shakuntalapress.blogspot.com/

13- वाह री, भारत सरकार, क्या खूब कहा
http://bhadas.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

14- वैश्विक हुआ फिरंगी संस्कृति का रोग ! (HIV Test ...)
http://sb.samwaad.com/2011/07/blog-post_16.html

15- अमीर मंदिर गरीब देश
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

16- मोबाइल : प्यार का आवश्यक उपकरण Mobile
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/mobile.html

17- आपकी तस्वीर कहीं पॉर्न वेबसाइट पे तो नहीं है?
http://bezaban.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

18- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम अब तक लागू नहीं
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

19- दुनिया में सबसे ज्यादा शादियाँ करने वाला कौन है?
इसका श्रेय भारत के ज़ियोना चाना को जाता है। मिजोरम के निवासी 64 वर्षीय जियोना चाना का परिवार 180 सदस्यों का है। उन्होंने 39 शादियाँ की हैं। इनके 94 बच्चे हैं, 14 पुत्रवधुएं और 33 नाती हैं। जियोना के पिता ने 50 शादियाँ की थीं। उसके घर में 100 से ज्यादा कमरे है और हर रोज भोजन में 30 मुर्गियाँ खर्च होती हैं।
http://gyaankosh.blogspot.com/2011/07/blog-post_14.html

20 - ब्लॉगर्स मीट अब ब्लॉग पर आयोजित हुआ करेगी और वह भी वीकली Bloggers' Meet Weekly
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/bloggers-meet-weekly.html

21- इस से पहले कि बेवफा हो जाएँ
http://www.sahityapremisangh.com/2011/07/blog-post_3678.html

22- इसलाम में आर्थिक व्यवस्था के मार्गदर्शक सिद्धांत
http://islamdharma.blogspot.com/2012/07/islamic-economics.html

23- मेरी बिटिया सदफ स्कूल क्लास प्रतिनिधि का चुनाव जीती
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_2208.html

24- कुरआन का चमत्कार

25- ब्रह्मा अब्राहम इब्राहीम एक हैं?

26- कमबख़्तो ! सीता माता को इल्ज़ाम न दो Greatness of Sita Mata

27- राम को इल्ज़ाम न दो Part 1

28- लक्ष्मण को इल्ज़ाम न दो

29- हरेक समस्या का अंत, तुरंत

30-
अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दो
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साहित्य की ताज़ा जानकारी

1- युद्ध -लुईगी पिरांदेलो (मां-बेटे और बाप के ज़बर्दस्त तूफ़ानी जज़्बात का अनोखा बयान)
http://pyarimaan.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

2- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

3- आतंकवादी कौन और इल्ज़ाम किस पर ? Taliban
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/taliban.html

4- तनाव दूर करने की बजाय बढ़ाती है शराब
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

5- जानिए श्री कृष्ण जी के धर्म को अपने बुद्धि-विवेक से Krishna consciousness
http://vedquran.blogspot.com/2011/07/krishna-consciousness.html

6- समलैंगिकता और बलात्कार की घटनाएं क्यों अंजाम देते हैं जवान ? Rape
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/rape.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- ख़ून बहाना जायज़ ही नहीं है किसी मुसलमान के लिए No Voilence
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/no-voilence.html

9- धर्म को उसके लक्षणों से पहचान कर अपनाइये कल्याण के लिए
http://charchashalimanch.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

10- बाइबिल के रहस्य- क्षमा कीजिए शांति पाइए
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/03/blog-post.html

11- विश्व शांति और मानव एकता के लिए हज़रत अली की ज़िंदगी सचमुच एक आदर्श है
http://dharmiksahity.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

12- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

13- ‘इस्लामी आतंकवाद‘ एक ग़लत शब्द है Terrorism or Peace, What is Islam
http://commentsgarden.blogspot.com/2011/07/terrorism-or-peace-what-is-islam.html

14- The real mission of Christ ईसा मसीह का मिशन क्या था ? और उसे किसने आकर पूरा किया ? - Anwer Jamal
http://kuranved.blogspot.com/2010/10/real-mission-of-christ-anwer-jamal.html

15- अल्लाह के विशेष गुण जो किसी सृष्टि में नहीं है.
http://quranse.blogspot.com/2011/06/blog-post_12.html

16- लघु नज्में ... ड़ा श्याम गुप्त...
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

17- आपको कौन लिंक कर रहा है ?, जानने के तरीके यह हैं
http://techaggregator.blogspot.com/

18- आदम-मनु हैं एक, बाप अपना भी कह ले -रविकर फैजाबादी

19-मां बाप हैं अल्लाह की बख्शी हुई नेमत

20- मौत कहते हैं जिसे वो ज़िन्दगी का होश है Death is life

21- कल रात उसने सारे ख़तों को जला दिया -ग़ज़ल Gazal

22- मोम का सा मिज़ाज है मेरा / मुझ पे इल्ज़ाम है कि पत्थर हूँ -'Anwer'

23- दिल तो है लँगूर का

24- लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी - Allama Iqbal

25- विवाद -एक लघुकथा डा. अनवर जमाल की क़लम से Dispute (Short story)

26- शीशा हमें तो आपको पत्थर कहा गया (ग़ज़ल)

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