तेहरान. अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारे जाने की आधिकारिक घोषणा हुए करीब एक पखवाड़े बीत गए लेकिन उसकी मौत को लेकर विरोधाभासी खबरें अब भी आ रही हैं। ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने एक सनसनीखेज दावे में कहा है कि अमेरिकी सैनिकों की कार्रवाई में मारे जाने से पहले लादेन अमेरिकी हिरासत में एक कैदी की तरह रहा था।
अहमदीनेजाद ने ईरान के सरकारी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मेरे पास इस बात की पक्की सूचना है कि अमेरिकी सैनिकों ने लादेन को पहले ही पकड़ लिया था। जिस दिन उसे मारा, उस समय वह कैदी के रूप में था। अमेरिकी अधिकारियों ने पहले उसे गिरफ्तार कर अपनी हिरासत में रखा और उसे बीमार बना दिया फिर उसे मौत के घाट उतार दिया गया।’
अहमदीनेजाद ने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए बिन लादेन की हत्या का ऐलान किया। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति ने जो किया है वह अपने राजनीतिक फायदे के लिए किया है।'
गौरतलब है कि दो मई को अमेरिकी सेना के नेवी सील कमांडो ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद शहर में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। थोड़ी देर बाद ही इसकी औपचारिक घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने की थी। लेकिन लादेन की मौत को लेकर पहले उसके सहयोगी आतंकी गुटों ने सवाल खड़े किए फिर ईरान की सरकार अमेरिका को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश में है।
बीते 4 मई को ईरान के रक्षा मंत्री अहमद वहीदी ने भी बिन लादेन की मौत पर शक जाहिर करते हुए कहा था कि जिस तरह से लादेन को मार गिराया गया है, वह कई सवाल खड़े करता है। वहीदी ने तब कहा, 'अमेरिका कहता है कि बिन लादेन की लाश को समुद्र में दफना दिया गया। उन्होंने किसी निष्पक्ष विशेषज्ञ को यह जांच करने की इजाजत क्यों नहीं दी कि वास्तव में यह लाश बिन लादेन की ही है।'
ईरान के खुफिया मामलों के मंत्री हैदर मोसलेही ने भी अमेरिकी प्रशासन के दावों को झुठलाते हुए कहा था कि बिन लादेन बीमारी के चलते कुछ समय पहले ही मर चुका था। ईरानी मंत्री ने सवालिया लहजे में कहा था, ‘यदि अमेरिकी सैनिकों ने वाकई लादेन को गिरफ्तार किया और मार दिया तो इसकी तस्वीरें क्यों नहीं जारी करते। उन्होंने इसे समुद्र में क्यों फेंक दिया।’
इस बीच लाहौर की एक अदालत में लादेन की मौत के खिलाफ याचिका दायर की गई है। ओसामा
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अहमदीनेजाद ने ईरान के सरकारी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मेरे पास इस बात की पक्की सूचना है कि अमेरिकी सैनिकों ने लादेन को पहले ही पकड़ लिया था। जिस दिन उसे मारा, उस समय वह कैदी के रूप में था। अमेरिकी अधिकारियों ने पहले उसे गिरफ्तार कर अपनी हिरासत में रखा और उसे बीमार बना दिया फिर उसे मौत के घाट उतार दिया गया।’
अहमदीनेजाद ने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए बिन लादेन की हत्या का ऐलान किया। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति ने जो किया है वह अपने राजनीतिक फायदे के लिए किया है।'
गौरतलब है कि दो मई को अमेरिकी सेना के नेवी सील कमांडो ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद शहर में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। थोड़ी देर बाद ही इसकी औपचारिक घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने की थी। लेकिन लादेन की मौत को लेकर पहले उसके सहयोगी आतंकी गुटों ने सवाल खड़े किए फिर ईरान की सरकार अमेरिका को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश में है।
बीते 4 मई को ईरान के रक्षा मंत्री अहमद वहीदी ने भी बिन लादेन की मौत पर शक जाहिर करते हुए कहा था कि जिस तरह से लादेन को मार गिराया गया है, वह कई सवाल खड़े करता है। वहीदी ने तब कहा, 'अमेरिका कहता है कि बिन लादेन की लाश को समुद्र में दफना दिया गया। उन्होंने किसी निष्पक्ष विशेषज्ञ को यह जांच करने की इजाजत क्यों नहीं दी कि वास्तव में यह लाश बिन लादेन की ही है।'
ईरान के खुफिया मामलों के मंत्री हैदर मोसलेही ने भी अमेरिकी प्रशासन के दावों को झुठलाते हुए कहा था कि बिन लादेन बीमारी के चलते कुछ समय पहले ही मर चुका था। ईरानी मंत्री ने सवालिया लहजे में कहा था, ‘यदि अमेरिकी सैनिकों ने वाकई लादेन को गिरफ्तार किया और मार दिया तो इसकी तस्वीरें क्यों नहीं जारी करते। उन्होंने इसे समुद्र में क्यों फेंक दिया।’
इस बीच लाहौर की एक अदालत में लादेन की मौत के खिलाफ याचिका दायर की गई है। ओसामा
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