ये टीम अन्ना तो हाथ धोकर भ्रष्टाचार के पीछे पड़ गयी है. लगता है कि इसका नामो-निशान ही मिटाकर दम लेगी. कोई उन्हें समझाए कि भ्रष्टाचार हर किसी के वश की बात नहीं है. यह भी एक कला है जिसे लंबी साधना के बाद हासिल किया जाता है. कुछ लोगों ने तो अपना पूरा जीवन ही इसकी साधना में होम कर दिया है. अब जीवन के इस मुकाम पर आकर वे इसे छोड़ दें...यह उचित है..?
कोटा के रियार्थ ने कराटे में जीता स्वर्ण
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कोटा के रियार्थ ने कराटे में जीता स्वर्ण
गुरुग्राम। सेक्टर-27 स्थित कम्युनिटी सेंटर में स्पोर्ट्स शितोकाई कराटे
फेडरेशन इंडिया के तत्वावधान में प्रथम अ...







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