Ved Quran: जब आरएसएस के पूर्व प्रमुख के. सी. सुदर्शन जी ईद की नमाज़ अदा करने के लिए चल दिए मस्जिद की ओर Tajul Masajid
Dr. Ayaz Ahmad
परम पूज्य हैं सुदर्शन, हम अनुयायी एक ।
उनके बौद्धिक सुन बढ़े, आडम्बर सब फेंक ।
आडम्बर सब फेंक, निराली सोच रखें वे ।
सबका ईश्वर एक, वही जग-नैया खेवे ।
मूर्ति पूज न पूज, पूजते पत्थर पुस्तक ।
पद्धति बनी अनेक, पहुँचिये जैसे रब तक ।।
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हट्टे कट्टे, चुस्त दुरुस्त, नोजवान, जो सिर्फ आदतन भिखारी हैं, पेशेवर भिखारी
हैं, क्या उन पर ज़कात वाजिब है, अख्तर, ,सवाल बहुत महत्वपूर्ण और सामाजिक
दृष्टि से संवेदनशील है। क़ुरआन व हदीस की रोशनी में इसका जवाब इस प्रकार है:
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हट्टे कट्टे, चुस्त दुरुस्त, नोजवान, जो सिर्फ आदतन भिखारी हैं, पेशेवर भिखारी
हैं, क्या उन पर ज़कात वाजिब है, अख्तर, ,सवाल बहुत महत्वपूर्ण और सामाजिक
दृष्...







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