देखिये हमारे नए ब्लॉग 'डरावना' की सबसे पहली पोस्ट-
वो हाज़िर हो
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वो जो हर दीन में आँख मिचौली खेलता है,
उस से कहो के नाज़िल हो,
जिसके नाम से हर गुनाह छुप जाए,
उस से कहो के ज़ाहिर हो।
जब उसका ही नाम उनके लबों पे है,
तो उस...







2 comments:
kadwa sach samaj ka aina
Yes, that is extremely painful but true.
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