इसे अमानवीय लापरवाही के अलावा क्या कहेंगे कि कोयला खदानों के अंदर लगी भूमिगत आग रेलवे लाइन तक पहुँच चुकी है लेकिन प्रबंधन को इससे कोई खतरा नहीं महसूस हो रहा है. किसी भी दिन यहाँ कोई बड़ा हादसा हो जाये तो इसकी जिम्म्मेवारी आखिर कौन लेगा. पढ़िए पूरी रिपोर्ट.
डॉ. मनीष कुमार मिश्रा:जीवन-यात्रा
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*डॉ. मनीष कुमार मिश्रा:जीवन-यात्रा *
मनुष्य का जीवन केवल जन्म, शिक्षा, नौकरी और उपलब्धियों का क्रम नहीं होता।
उसके भीतर अनेक स्मृतियाँ, संघर्ष, स्वप्...

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