इसे अमानवीय लापरवाही के अलावा क्या कहेंगे कि कोयला खदानों के अंदर लगी भूमिगत आग रेलवे लाइन तक पहुँच चुकी है लेकिन प्रबंधन को इससे कोई खतरा नहीं महसूस हो रहा है. किसी भी दिन यहाँ कोई बड़ा हादसा हो जाये तो इसकी जिम्म्मेवारी आखिर कौन लेगा. पढ़िए पूरी रिपोर्ट.
हाड़ोती रचनाकार परिचय कोश 87. डॉ.अपर्णा पांडेय, कोटा
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हाड़ोती रचनाकार परिचय कोश
87. डॉ.अपर्णा पांडेय, कोटा
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रचनाकार 30 मार्च तक व्हाट्सअप न. 9413350242 पर अपना परिचय भेजे..
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