ये टीम अन्ना तो हाथ धोकर भ्रष्टाचार के पीछे पड़ गयी है. लगता है कि इसका नामो-निशान ही मिटाकर दम लेगी. कोई उन्हें समझाए कि भ्रष्टाचार हर किसी के वश की बात नहीं है. यह भी एक कला है जिसे लंबी साधना के बाद हासिल किया जाता है. कुछ लोगों ने तो अपना पूरा जीवन ही इसकी साधना में होम कर दिया है. अब जीवन के इस मुकाम पर आकर वे इसे छोड़ दें...यह उचित है..?
हिन्दू मान्यताओं के अनुसार प्रथमा यादव देती पिता प्रतीक यादव को मुखाग्नि
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लखनऊ में बैकुंठधाम में मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव का अंतिम
संस्कार कर दिया गया। प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव के पिता व प्रतीक के
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