प्यारी माँ: आमिर की अम्मी की कहानी
लोगों के वास्ते जब (अपनी) रहमत (के दरवाजे़) खोल दे तो कोई उसे जारी नहीं कर
सकता और जिस चीज़ को रोक ले उसके बाद उसे कोई रोक नहीं सकता और वही हर चीज़ पर
ग़ालिब और दाना व बीना हकीम है
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सूरए फातिर (पैदा करने वाला) मक्के में नाजि़ल हुआ और उसकी पैंतालिस (45)
आयतें हैं
खु़दा के नाम से (शुरू करता हूँ) जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है
हर त...

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