मौसम की बदहाली से.
पत्ते छूटे डाली से.
टप-टप आंखों से टपके
कुछ आंसू घडियाली से.
ग़ज़लगंगा.dg: कुछ आंसू घडियाली से:
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बुढापे में दो बूंद पोलियों की गुटकी
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बुढापे में दो बूंद पोलियों की गुटकी, बाज़ू पर अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के तहत
इंजेक्शन की सुई से दवा लगवाई, यह सब हज के मुक़द्दस सफर के लिये जरूरी भी है,
अल्ला...
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