Friday, April 12, 2013

बेटी चाहिए तो शाकाहारी बनें ? girl child


लंदन। मां बनने की तैयारी कर रही महिलाएं ज़रा ग़ौर फ़रमाएं। अगर आप पहली संतान के रूप में एक ख़ूबसूरत बेटी चाहती हैं, मांस-मच्छी से तौबा कर शाकाहार अपनाएं। एक नए अध्ययन के मुताबिक़ गर्भधारण से कुछ माह पहले कैल्शियम और मैगनीशियम युक्त फल-सब्ज़ियों का सेवन करने वाली 80 फ़ीसदी महिलाएं लड़कियों को जन्म देती हैं।

ताज़ा पोस्ट

 
डा. अनवर जमाल लेखकडा. अनवर जमालApr 12, 2013 03:26 PMसभी पोस्ट देखें

बेटी चाहिए तो शाकाहारी बनें

आदरणीय महेन्द्र श्रीवास्तव जी की पोस्ट ( देवी भक्तों ने जमकर उड़ाया नानवेज ? )  पढ़कर पता चला कि नवरात्र के दौरान श्रृद्धालु  औरत-मर्द शाकाहा री बन जाते हैं। जो लोग आम दिनों में मांस खाते हैं। इन दिनों में वे भी मांस का सेवन...आगे पढ़ें...कोई कॉमेंट नहींपिछली पोस्ट:

Hindi Bloggers सब चवन्नी छाप हैं-डा. श्याम गुप्ता

डा. श्याम गुप्ता जी से कौन परिचित नहीं है। सारा ब्लॉग जगत जानता है कि वह अपना शुमार हिन्दी के मूर्धन्य विद्वानों में करते हैं। काटजू जी तो 90 फ़ीसदी हिन्दुस्तानियों को मूर्ख मानते हैं यानि कि 10 फ़ीसदी को उन्होंने भी माफ़ कर दिया लेकिन आदरणीय गुप्ता जी ने हिन्दी ब्लॉगर्स के दरम्यान लंबा अर्सा गुज़ार कर जो पाया है उसे हमारी एक पोस्ट पर इन शब्दों में बयान किया है-
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shyam gupta said...
सब चवन्नी छाप हैं ..चवन्नी छापों को तो पसंद आयेंगे ही.....

इसके जवाब में हमने कहा है-
आदरणीय डा. श्याम गुप्ता जी ! आपने जर्मनी के ‘बॉब्स अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार 2013‘ के लिए नामांकित सभी ब्लॉगर्स को चवन्नी छाप घोषित कर दिया और उन्हें पसंद करने वालों को भी आपने चवन्नी छाप कह दिया।
1. आप हज़ार का खरा नोट हैं। इनके सामूहिक ब्लॉग का सदस्य बनकर आपकी शान में बट्टा नहीं लगता क्या ?
2. आप क्यों कम स्तर के ब्लॉगर्स को अपनी रचनाएं परोस कर अपनी बेइज़्ज़ती करवाते हैं ?
3. आपकी नज़र में चवन्नी छाप ठहरे ये हिन्दी ब्लॉगर्स जब आपकी रचनाओं को पसंद करते हैं तो आपको कितना बुरा लगता होगा ?
भाई साहब, आप एक भयानक मनोरोगी हैं। आप अपना इलाज शाहदरा के अस्पताल में करवा लें। वहां के डॉक्टर्स मनोरोगी को पागल कहने से भी रोकते हैं और इलाज भी मुफ़्त करते हैं।
वहां न जाना चाहो तो किसी होम्योपैथ से ही दवा ले लीजिए। इस तरह की घटिया सोच के लिए उसमें भी कई बढ़िया दवाएं मौजूद हैं।
होम्योपैथी से चिढ़ हो तो आयर्वेद से तो प्रेम होगा ?
आप उसी की कोई नींद लाने वाली दवा खाकर कुछ दिन आराम कर लीजिए। सोने से भी आपके अंदर इंसानियत जागने के पूरे चांस हैं। शाहदरा वाले भी साथ में नींद की गोली ज़रूर देते हैं।
हम केवल आपको सेहतमंद देखना चाहते हैं। आप हमारे बड़े हैं, आपकी टिप्पणियां भी आपके बड़प्पन के अनुकूल होनी चाहिएं।
हम सभी चवन्नियां मिलकर आपके मंगल की कामना करते हैं।
मालिक आपका दम और दाम दोनों बनाए रखे,
आमीन !!!
सभी पंगा प्रिय ब्लॉगर इस नोक झोंक को देखने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें-
डा. अनवर जमाल को सराहा गया जर्मनी में
हिंदी ब्लॉगर्स फ़ोरम इंटरनेशनल पर

Thursday, April 11, 2013

'औरत की हक़ीक़त‘ को वोट देने के बाद भी वहां वोट दर्ज नहीं होता-taza khabar


रविश कुमार जी ‘बॉब्स अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार 2013‘ में चल रही गड़बड़ियों के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं।

‘‘औरत की हक़ीक़त‘ को वोट देने के बाद भी वहां वोट दर्ज नहीं होता इसमें आयोजकों की कोई साज़िश तो नहीं है ?‘‘
आज हमें अपने एक ब्लॉगर मित्र ने फ़ोन पर यह कहा तो हमें हैरत हुई कि 
भी बदइंतेज़ामी का शिकार निकला।
हिन्दुस्तानी औरत का नसीब ही ऐसा है कि उसके बारे में आवाज़ उठाओ तो उसे देस में भी दबा दिया जाता है और बिदेस में भी।


ब्लॉग-चयन के लिए कुछ हिन्दी ब्लॉगर्स ने सीधे सीधे एंकर रविश कुमार जी को ज़िम्मेदार ठहरा दिया है। यह एक ग़लत बात है। रविश कुमार जी ने थोड़े ही ब्लॉग चुने हैं। ‘औरत की हक़ीक़त‘ ब्लॉग की वोटिंग ‘ज़ीरो‘ रहना इस बात का सुबूत है कि इन सारी अनियमितताओं के पीछे कुछ दूसरे छुटभय्ये लोग ज़िम्मेदार हैं। रविश कुमार जी इस तरह ग़ैर ज़िम्मेदारी से काम करते तो वह इतनी तरक्क़ी कैसे कर पाते ?
...लेकिन रविश कुमार जी को ऐसे ग़ैर-ज़िम्मेदारों का पता ज़रूर लगाना चाहिए, जिनकी वजह से उनका नाम ख़राब हो रहा है। लोग तो उन्हीं को जानते हैं, उनके नियुक्त किए हुए हैल्परों को थोड़े ही जानते हैं। हैल्पर उनकी हैल्प करने के बजाय उनकी छवि ख़राब कर रहे हैं।
यह एक दुखद बात है कि हिन्दी ब्लॉगर्स को ईनाम से नवाज़ने के लिए जर्मनी वालों ने हिन्दी के पुरोधाओं को ज़िम्मेदारी सौंपी और वे भ्रष्टाचार से या हल्के अल्फ़ाज़ में कहें तो ग़ैर ज़िम्मेदारी से बच न सके। हिन्दी को नुक्सान पहुंचाने वाले इसके अपने ही हैं। ‘बॉब्स अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार 2013‘ एक बार फिर इन्हें बेनक़ाब कर गया।
बहरहाल इस बहाने ‘औरत की हक़ीक़त‘ ब्लॉग बहुत पढ़ा गया। इसके लिए रविश जी और जर्मन आयोजकों (अंतरराष्ट्रीय ब्रॉ़डकॉस्टर डॉयचे वेले) का शुक्रिया।
हमारे एक अन्य ब्लॉग 'बुनियाद' पर भी रविश कुमार जी का और दूसरे पाठकों का स्वागत है।
इसके अलावा हमारे कुछ अन्य ब्लॉग यह हैं-

MY BLOGS


इनके अलावा भी हमारे कुछ दूसरे ब्लॉग हैं। उनके लिंक फिर कभी शेयर किए जाएंगे।
इस आयोजन में दूसरे उम्दा ब्लॉग के साथ ‘हलाल मीट‘ भी चुना गया। इस ब्लॉग का कन्टेंट कितना भी उम्दा क्यों न हो लेकिन इसका चुनाव ग़लत श्रेणी में किया गया है। यह भी ईनाम वितरकों के नियुक्त किए हुए छुटभय्यों की कारस्तानी है।
वे समझते हैं कि जर्मनी के आयोजकों  से हमारी कारस्तानी की शिकायत कौन करेगा ?
...और कोई कर भी देगा तो वे मानेंगे ही नहीं लेकिन ऐसा नहीं है। जर्मनी वाले बदनाम होना और अपनी विश्वसनीयता खोना क्यों चाहेंगे ?
source: http://auratkihaqiqat.blogspot.in/2013/04/2013.html

देवी भक्तों ने जमकर उड़ाया Nonveg. -महेन्द्र श्रीवास्तव

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महेन्द्र श्रीवास्तव जी 
बता रहे हैं अपना क़िस्सा -

देवी भक्तों ने जमकर उड़ाया नानवेज !


देवी के भक्तों ने कल यानि 10 अप्रैल की रात को जमकर उड़ाया नानवेज ! वैसे तो मैं नवरात्र में पूरे नौ दिन व्रत ना करके पहले और आखिरी दिन ही व्रत करता हूं, लेकिन कोशिश ये रहती है कि इस दौरान नानवेज से दूरी बनाएं रखें। दूरी बनाएं रखें का मतलब नवरात्र तक परहेज किया जाए। वैसे मैडम नौ दिन व्रत रहती हैं, इसलिए घर पर बनाना भी मुश्किल है। अब हुआ ये कि कल शाम बच्चों ने कहा कि 11 अप्रैल यानि कल से नवरात्र शुरू हो रहा है तो नानवेज बंद हो जाएगा, तो क्यों ना आज रात में कुछ नानवेज बाहर से ही मंगा लें। बच्चों की राय मुझे अच्छी लगनी ही थी, क्योंकि मैं तो नानवेज खाने के लिए 40-50 किलोमीटर सफर भी करना पड़े तो पीछे हटने वाला नहीं हूं।



बस फिर क्या होम डिलीवरी के लिए रात नौ साढे नौ बजे के करीब रेस्टोरेंट पर फोन करना शुरू किया।
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किस्सा सच्चा है और दिलचस्प भी . उनके व्यवहारिक अनुभव बतलाते हैं कि मांस के लिए आकर्षण और देवियों के लिए श्रद्धा में संतुलन बनाकर चलने में भारतीय लोगों का कोई मुकाबला नहीं है. 
आदरणीय महेन्द्र श्रीवास्तव जी के अनुभव को हमने नवभारत टाइम्स के ब्लॉग पर भी शेयर किया है। वहां यह पोस्ट अब तक 30 कमेंट ले चुकी है। उन कमेंट्स को देखने के लिए आप नीचे दिए गए शीर्षक पर क्लिक कीजिए-
डा. अनवर जमाल लेखकडा. अनवर जमालApr 11, 2013 06:21 PMसभी पोस्ट देखें

देवी भक्तों ने जमकर उड़ाया नानवेज ?

  महेन्द्र श्रीवास्तव जी  बता  रहे हैं अपना अपना क़िस्सा - देवी भक्तों ने जमकर उड़ाया नानवेज !   देवी के भक्तों ने कल यानि 10 अप्रैल की रात को जमकर उड़ाया नानवेज ! वैसे तो मैं नवरात्र में पूरे नौ...आगे पढ़ें...30 कॉमेंटपिछली पोस्ट:

मुददे पर विचार देने से क्यों बचते हैं हिंदी ब्लॉगर्स ? Hindi Bloggers



संतोष त्रिवेदी जी की पोस्ट  
पर हमें एक बार फिर अपने संकल्प को दोहराना पड़ा। हमने कहा कि 
'समझदारी और परिपक्वता के स्तर तक हम हिन्दी ब्लॉगर्स को लाकर रहेंगे'

बेजा इल्ज़ाम लगाने से बचें हिन्दी ब्लॉगर्स-एक अपील
1. हम जब तक कमेंट करते रहे, तब तक उसे नारी ब्लॉग छापता रहा। जब हमने उसे पढ़ना और उस पर कमेंट करना बंद कर दिया तो वह हमारा कमेंट छापेगा कैसे ?
हम किसी का समर्थन या विरोध करते हुए उसका औरत-मर्द या हिन्दू मुसलमान होना नहीं देखते। संकीर्ण मानसिकता वाले उसे सांप्रदायिकता का जामा पहनाते हैं। हमने फ़िरदौस को भी नेक नसीहत की थी। हालाँकि वह महिला ब्लॉगर भी थी और मुस्लिम भी। अगर कोई उसे महिला का अपमान बताए या उसे ‘मुस्लिम‘ का विरोध बताए तो यह कहने वाले की नादानी होगी।
हिन्दी ब्लॉगर्स के सामने संकीर्ण सांप्रदायिक सोच एक चुनौती है। हम सबको मिलकर इससे मुक्ति पानी है।
‘ब्लॉग की ख़बरें‘ एक हिन्दी ब्लॉग जगत का सबसे पहला और निष्पक्ष समाचार पत्र है। यह एक आईना है। ब्लॉग जगत की झलक इसमें साफ़ देखी जा सकती है। 
हिन्दी ब्लॉगिंग को नुक्सान पहुंचाने वाले मठाधीशों के खि़लाफ़ इसने ज़ोरदार आवाज़ उठाई है। यही वजह है कि सभी मठाधीश और उनके अनुचर अनवर जमाल से रंजिश रखते हैं। इसी के साथ यह समाचार पत्र मज़हबी कटटरता और अंधविश्वासों के खि़लाफ़ भी आवाज़ उठाता है। यह एक वैचारिक आन्दोलन है। मज़हब को अंधविश्वास परोसने वाले व्यापारियों और दीन के नाम पर ठगने वाले ठगों के खि़लाफ़ इसकी निम्न पोस्ट्स दृष्टव्य हैं-

a- मदरसे और मस्जिद के लिए चंदा के नाम पर फैल रहा है कमीशनख़ोरी और ठगी का धंधा
http://blogkikhabren.blogspot.in/2013/02/blog-post_28.html

2- दीन के नाम पर दुकानदारी करने वाले मुल्लाओं की एक कारस्तानी The Sin
http://blogkikhabren.blogspot.in/2012/12/great-sin.html 

अनवर जमाल को समझना है तो अपने दुराग्रह और पूर्वाग्रह से मुक्त होना होगा।
‘औरत की हक़ीक़त‘ और ‘प्यारी मां‘ ब्लॉग के ज़रिये अनवर जमाल ने हिन्दुस्तानी औरत को सम्मान और सुरक्षा दिलाने के लिए एक अभियान छेड़ा हुआ है। जिसमें किसी तंगदिल ने कभी सहयोग नहीं दिया। वे सब इन रचनात्मक ब्लॉगस से दूर ही रहे।
नफ़रत न फैलाने वाले हिन्दी ब्लॉगर्स का सहयोग अनवर जमाल को हमेशा मिला है और आज भी मिल रहा है। इसमें औरत-मर्द और हिन्दू मुस्लिम तो हैं ही। इसमें ईसाई भी हैं और नास्तिक भी।
‘हिन्दी ब्लॉगर्स फ़ोरम इंटरनेशनल‘ अनवर जमाल का बनाया अकेला ऐसा सामूहिक ब्लॉग है जिसमें उसके विरोधियों को भी सदस्य बनाया गया। उन्होंने अनवर जमाल के विरोध में लिखा और फिर ख़ुद ही शान्त हो गए। आज तक शान्त हैं। जब दूसरे विरोध करने पर ब्लॉगर को निकाल रहे थे तब हम अपने विरोधियों को इन्वाईट कर रहे थे कि आओ भाई, विरोध करो, आपका विरोध भी सुना जाएगा।
हमारा मक़सद सबको जोड़ना है। इसके लिए सहनशीलता और सकारात्मक सोच ज़रूरी है।
‘हिन्दी का उत्थान हो‘, इस भावना के साथ हमें सबको अपने गिले शिकवे भूल जाने चाहिएं या उनके हल के लिए कोई पैमाना निर्धारित कर लेना चाहिए। बेवजह इल्ज़ाम लगाना किसी समस्या का हल नहीं होते। समझदारी और परिपक्वता के स्तर तक हम हिन्दी ब्लॉगर्स को लाकर रहेंगे। इसके लिए अनवर जमाल कृत संकल्प है।
जो भी ब्लॉगर जर्मनी जाए, वह वहां हिन्दी में अपनी बात रखे, उसकी बात को कोई दूसरा अनुवाद करके बताए, यह ध्यान रखे। वहां जाकर हिन्दी ब्लॉगर अंग्रेज़ी में न बोलने लगे। ऐसी विनती है।
सभी चयनित और अचयनित ब्लॉगर्स को शुभकामनाएं क्योंकि सभी हिन्दी को समृद्ध कर रहे हैं।

2. सन्तोष जी को एक अच्छी पोस्ट के लिए शुभकामनाएं।
उन्होंने  एक अच्छा मुददा उठाया है लेकिन सही बात को कहने का साहस कौन करे ?
जो सच बोलेगा, उसे गुटबाज़ों का विरोध झेलना पड़ेगा या फिर उसे किसी के खि़लाफ़ मान लिया जाएगा। मुददों पर बात करने का माददा यहां नापैद सा है। शुक्र है कि बिल्कुल नापैद नहीं है।
सो आपने लिखा ही है।

तेजाबी तानों से बेहाल पीड़ित परिवार -तेजाबी हमलावर अब तक फरार

कांधला शामली में हुआ यह तेजाबी कांड निंदनीय है साथ  निंदनीय है इस  पीड़ित परिवार के प्रति उनकी अपनी ही बिरादरी का रवैया -

तेजाबी तानों से बेहाल पीड़ित परिवार -तेजाबी हमलावर अब तक फरार

कांधला में २ अप्रैल को हुई तेजाबी घटना का कोई भी हमलावर आज दसस्वें  दिन तक भी नहीं पकड़ा गया है .कल कॉग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जी ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर हर संभव मदद व् अपराधियों को जल्द से जल्द पकडे जाने का आश्वासन दिया है .परसों शाम मैं भी सुश्री शालिनी कौशिक जी व् हमारे पिता जी के मित्र श्री प्रेमचंद गुप्ता जी के साथ पीड़ित परिवार के घर पर उनके परिजनों से मिली .नौ बहनों में दूसरे नंबर की बहन अंजुमन दीदी का गला पड़ा हुआ था .इस घटना के बाद से उनके परिवार का  जीवन नर्क हो गया है .उनका कहना था कि पुलिस जांच के नाम पर उनके ही फोन टेप कर रही है और तंज कस रही कि इतने फोन व् एस.एम्.एस तो हमारे भी नहीं आते .सबसे छोटी बहन जो 11  कक्षा की छात्रा है घटना के दिन से स्कूल नहीं गयी है .पुलिस उससे व् उसके साथ के बच्चों से भी पूछताछ कर प्रताड़ित कर रही है ..उनका कहना है कि पूरी बिरादरी में ये घटना एक तफरी का विषय बन गया है .कोई आपस में बात करता हुआ कहता है कि -हाय कैसी दिखती हैं वे लड़कियां ?और कुछ लोग तो सर.गंगाराम हॉस्पिटल में जीवन -मृत्यु से लडती उनकी बहन के लिए यहाँ तक कह रहे हैं कि वो पट्टी बंधकर नाटक कर रही है .तेजाबी हमले की शिकार लड़कियों के चरित्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं .अंजुमन दीदी का कहना है कि -सब यह प्रदर्शित कर रहें हैं कि वे तो आब- ए -जम-जम में नहाये हुए पाक-साफ हैं और पीड़ित परिवार तेजाब में नहाया हुआ गन्दा परिवार है . कोई कहता है कि इन लड़कियों ने नौकरी पाने के लिए यह नाटक रचा है और कोई कहता है कि -ये लडकिया उन लड़कों से बात करती आ रही थी .तेजाबी हमले की शिकार बहनों में से एक पहले से ही सर्वाइकल  दर्द की शिकार है उससे देखते ही मन भर आया .अंजुमन दीदी का गुस्सा इस सारी बिरादरी से है जिसने ऐसे कठिन समय में उनका साथ छोड़  दिया  है .हमने जब पूछा कि आपको किसी पर शक है तो उनका कहना था कि -हमारे लिए तो सारी दुनिया ही दुश्मन हो रही है किसका नाम लें .पीड़ितों की माता जी ने बताया कि -लडकिया बहुत डरी हुई हैं और रात में डरकर जाग जाती हैं .सब हालात देख व् सुनकर मैं व् शालिनी जी इसी निष्कर्ष पर पहुंचें कि यदि पुलिस सही ढंग से कार्यवाही करती तो अब तक दोनों तेजाबी हमलावर जेल के भीतर होते और इन हमलावरों से बढ़कर है हमारा तेजाबी मानसिकता वाला ये समाज जो पीड़ित परिवार को अपने तेजाबी विचारों से हर घडी  जला रहा .
हमलावर शीघ्र पकडे जाये और उन्हें फाँसी की सजा मिले व् पीड़ित बहने  शीघ्र   इस सदमे व् तेजाबी घावों से निजात पायें ऐसी कामनाओं के साथ मैं अपनी इस ब्लॉग पोस्ट को समाप्त करती हूँ .
शिखा कौशिक ‘नूतन ‘

Wednesday, April 10, 2013

Dr. Anwer Jamal को सराहा गया जर्मनी में


Dr. Ayaz Ahmad ने हिंदी ब्लॉगर्स को अपनी एक पोस्ट में बताया है कि  

डा. अनवर जमाल को सराहा गया जर्मनी में

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क़ाबिले क़द्र भाई ख़ुशदीप की पोस्ट के ज़रिये ब्लॉगर्स को पता चला कि दुनिया की 14 ज़बानों में 4 हज़ार से ज़्यादा ब्लॉग्स में से जब हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ 10 ब्लॉग चुने गए तो जर्मनी वालों ने उनमें डा. अनवर जमाल के ब्लॉग ‘औरत की हक़ीक़त‘ को भी चुना।
फ़ोलो करने लायक़ 10 ब्लॉग में ‘हलाल मीट‘ को देखकर यह यक़ीन हो गया कि चुनाव करने वाले किसी गुट से ताल्लुक़ नहीं रखते। इस ब्लॉग का संचालनकर्ता कौन है ?, यह तक क्लियर नहीं है लेकिन फिर भी इसे इज़्ज़त बख्शी गई। 
राजनीति, विज्ञान और समाज पर लिखने वाले दूसरे ब्लॉग भी इसमें शामिल हैं। उन सबकी लिस्ट भाई ख़ुशदीप के ब्लॉग से कॉपी की जा रही है। 
कौन-कौन से ब्लॉग इन अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए नामांकित हुए हैं...

हिंदी का सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग...

अन्ना हज़ारे


आधारभूत ब्रह्मांड
विज्ञान

हिंदी में फॉलो करने लायक बेहतरीन ब्लॉग...



कोई भी हिन्दी ब्लॉगर ईनाम पाये लेकिन वह जर्मनी जाए और वहां हिन्दी का नाम रौशन करे। इसके लिए अपने पसंद के ब्लॉग को वोट दीजिए। पसंद का ब्लॉग न हो तो उनमें पढ़कर किसी को पसंद कीजिए। इस तरह के ईनाम देने का मक़सद यही होता है कि जिस ब्लॉग को नफ़रत या घटिया राजनीति के चलते पीछे धकेलने की कोशिश की गई हो। उसकी बेहतरी को मन्ज़रे आम पर क़ुबूल किया जाए और यहां तो आलमी सतह पर तसलीम किया गया है कि डा. अनवर जमाल हिन्दी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगर्स में से एक हैं।
डा. अनवर जमाल समेत चुने गए सभी हिन्दी ब्लॉगरों को मुबारकबाद, सिर्फ़ इसलिए कि इस चुनाव में गुटबाज़ी और धांधली नहीं है।
‘औरत की हक़ीक़त‘ ब्लॉग पर कुल 21 पोस्ट्स देखी जा रही हैं। उनके 50 से ज़्यादा ब्लॉग्स में इस पर सबसे कम एक्टिविटी देखी गई है। अगर उनके एक्टिव ब्लॉग्स ‘ब्लॉग की ख़बरें‘ या ‘वेद क़ुरआन‘ या ‘बुनियाद‘ वग़ैरह में से किसी को नॉमिनेट किया जाता तो ज़्यादा अच्छा रहता। 
बहरहाल हिन्दी ब्लॉगर्स की आवाज़ दुनिया के दूसरे कोने तक जा रही है। डा. अनवर जमाल के ज्ञान से दुनिया नफ़ा उठा रही है। यह एक अच्छा बदलाव है। यह एक अच्छी शुरूआत है।

1 comment:

रविकर said...

शुभकामनायें स्वीकारें-

Tuesday, April 9, 2013

नारी सदा जवान कैसे रह सकती है ?

सुन्दरता नारी का जन्म से मरण तक का अधिकार है .
इस विषय पर एक पोस्ट 'भारतीय नारी ब्लॉग' पर'

'सुन्दरता औरत का जन्मसिद्ध अधिकार है'


Images for moti

 - 

‘ब्लॉग की ख़बरें‘

1- क्या है ब्लॉगर्स मीट वीकली ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_3391.html

2- किसने की हैं कौन करेगा उनसे मोहब्बत हम से ज़्यादा ?
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

3- क्या है प्यार का आवश्यक उपकरण ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

4- एक दूसरे के अपराध क्षमा करो
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

5- इंसान का परिचय Introduction
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/introduction.html

6- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- बेवफा छोड़ के जाता है चला जा
http://kunwarkusumesh.blogspot.com/2011/07/blog-post_11.html#comments

9- इस्लाम और पर्यावरण: एक झलक
http://www.hamarianjuman.com/2011/07/blog-post.html

10- दुआ की ताक़त The spiritual power
http://ruhani-amaliyat.blogspot.com/2011/01/spiritual-power.html

11- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

12- शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड-4
http://shakuntalapress.blogspot.com/

13- वाह री, भारत सरकार, क्या खूब कहा
http://bhadas.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

14- वैश्विक हुआ फिरंगी संस्कृति का रोग ! (HIV Test ...)
http://sb.samwaad.com/2011/07/blog-post_16.html

15- अमीर मंदिर गरीब देश
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

16- मोबाइल : प्यार का आवश्यक उपकरण Mobile
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/mobile.html

17- आपकी तस्वीर कहीं पॉर्न वेबसाइट पे तो नहीं है?
http://bezaban.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

18- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम अब तक लागू नहीं
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

19- दुनिया में सबसे ज्यादा शादियाँ करने वाला कौन है?
इसका श्रेय भारत के ज़ियोना चाना को जाता है। मिजोरम के निवासी 64 वर्षीय जियोना चाना का परिवार 180 सदस्यों का है। उन्होंने 39 शादियाँ की हैं। इनके 94 बच्चे हैं, 14 पुत्रवधुएं और 33 नाती हैं। जियोना के पिता ने 50 शादियाँ की थीं। उसके घर में 100 से ज्यादा कमरे है और हर रोज भोजन में 30 मुर्गियाँ खर्च होती हैं।
http://gyaankosh.blogspot.com/2011/07/blog-post_14.html

20 - ब्लॉगर्स मीट अब ब्लॉग पर आयोजित हुआ करेगी और वह भी वीकली Bloggers' Meet Weekly
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/bloggers-meet-weekly.html

21- इस से पहले कि बेवफा हो जाएँ
http://www.sahityapremisangh.com/2011/07/blog-post_3678.html

22- इसलाम में आर्थिक व्यवस्था के मार्गदर्शक सिद्धांत
http://islamdharma.blogspot.com/2012/07/islamic-economics.html

23- मेरी बिटिया सदफ स्कूल क्लास प्रतिनिधि का चुनाव जीती
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_2208.html

24- कुरआन का चमत्कार

25- ब्रह्मा अब्राहम इब्राहीम एक हैं?

26- कमबख़्तो ! सीता माता को इल्ज़ाम न दो Greatness of Sita Mata

27- राम को इल्ज़ाम न दो Part 1

28- लक्ष्मण को इल्ज़ाम न दो

29- हरेक समस्या का अंत, तुरंत

30-
अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दो
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साहित्य की ताज़ा जानकारी

1- युद्ध -लुईगी पिरांदेलो (मां-बेटे और बाप के ज़बर्दस्त तूफ़ानी जज़्बात का अनोखा बयान)
http://pyarimaan.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

2- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

3- आतंकवादी कौन और इल्ज़ाम किस पर ? Taliban
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/taliban.html

4- तनाव दूर करने की बजाय बढ़ाती है शराब
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

5- जानिए श्री कृष्ण जी के धर्म को अपने बुद्धि-विवेक से Krishna consciousness
http://vedquran.blogspot.com/2011/07/krishna-consciousness.html

6- समलैंगिकता और बलात्कार की घटनाएं क्यों अंजाम देते हैं जवान ? Rape
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/rape.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- ख़ून बहाना जायज़ ही नहीं है किसी मुसलमान के लिए No Voilence
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/no-voilence.html

9- धर्म को उसके लक्षणों से पहचान कर अपनाइये कल्याण के लिए
http://charchashalimanch.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

10- बाइबिल के रहस्य- क्षमा कीजिए शांति पाइए
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/03/blog-post.html

11- विश्व शांति और मानव एकता के लिए हज़रत अली की ज़िंदगी सचमुच एक आदर्श है
http://dharmiksahity.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

12- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

13- ‘इस्लामी आतंकवाद‘ एक ग़लत शब्द है Terrorism or Peace, What is Islam
http://commentsgarden.blogspot.com/2011/07/terrorism-or-peace-what-is-islam.html

14- The real mission of Christ ईसा मसीह का मिशन क्या था ? और उसे किसने आकर पूरा किया ? - Anwer Jamal
http://kuranved.blogspot.com/2010/10/real-mission-of-christ-anwer-jamal.html

15- अल्लाह के विशेष गुण जो किसी सृष्टि में नहीं है.
http://quranse.blogspot.com/2011/06/blog-post_12.html

16- लघु नज्में ... ड़ा श्याम गुप्त...
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

17- आपको कौन लिंक कर रहा है ?, जानने के तरीके यह हैं
http://techaggregator.blogspot.com/

18- आदम-मनु हैं एक, बाप अपना भी कह ले -रविकर फैजाबादी

19-मां बाप हैं अल्लाह की बख्शी हुई नेमत

20- मौत कहते हैं जिसे वो ज़िन्दगी का होश है Death is life

21- कल रात उसने सारे ख़तों को जला दिया -ग़ज़ल Gazal

22- मोम का सा मिज़ाज है मेरा / मुझ पे इल्ज़ाम है कि पत्थर हूँ -'Anwer'

23- दिल तो है लँगूर का

24- लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी - Allama Iqbal

25- विवाद -एक लघुकथा डा. अनवर जमाल की क़लम से Dispute (Short story)

26- शीशा हमें तो आपको पत्थर कहा गया (ग़ज़ल)

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