Tuesday, June 14, 2011

ब्लॉग जगत के जिस शख्स ने हमारीवाणी.कॉम का नामकरण किया था उससे पहले उसने ही हमारीअंजुमन.कॉम का भी नामकरण किया था.

ब्लॉग जगत में जो कुछ चल रहा है वह इतना है कि
वे हमारे बीच के सुनहरे उभरते हीरे को इस्तेमाल करते हैं और इस्तेमाल होने के बाद उसे फेंक देते है. यही हमेशा से चलता आ रहा है.

वैसे एक जानकारी देता चलूँ कि हमारीवाणी.कॉम बनाने का बुनियादी concept  मैंने अर्थात सलीम ख़ान ने दिया था और ब्लॉग जगत के जिस शख्स ने हमारीवाणी.कॉम का नामकरण किया था उससे पहले उसने ही हमारीअंजुमन.कॉम का भी नामकरण किया था....!

पता है वह शख्स कौन है ?

ब्लॉग पितामह, 
ब्लॉगर श्री जनाब मुहम्मद उमर कैरानवी साहब !!!

अरे ऐ एग्रीगेटर के मालिक ज़रा सोचो तुम किसलिए ब्लॉग में आये थे और क्या करने लगे??? जिस तरह अल्लाह इंसान से पूछता है कि वह दुनिया में किसलिए आया है और वह क्या कर रहा है ?, 
क्या उसे अन्जाम की फिक्र नहीं है ?
... तो यकीनन वह दिन आएगा जब सारा सच सामने आ जायेगा.

इसी तरह मैं इस  एग्रीगेटर के मालिक से पूछ्ना चाहता हूँ कि तुम किस लिए ब्लॉग में लाये गए थे और किस लिए तुम ब्लॉग में आये थे और क्या करने लगे...???

हमारीवाणी.कॉम की छवि खराब न करो और व्यर्थ की राजनीति  न करो !

5 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

यही जान जाते सब लोग तो इतनी हाय-तोबा नहीं मचती यहाँ पर!

शिक्षामित्र said...

मैं पूरे प्रकरण से अवगत नहीं हूं। केवल इतना कहना चाहता हूं कि हर व्यक्ति को उसके किए का श्रेय मिलना चाहिए और हर किसी को कतिपय मर्यादाओं का पालन अवश्य करना चाहिए।

Mohammed Umar Kairanvi said...

अनवर साहब की पोस्‍ट पढते पढते अचानक इस पोस्‍ट पर नज़र पडी, आपने मुझे 'ब्लॉग पितामह' लिखा तो सही या गलत अपनी जानकारी के अनुसार लिखा है, लेकिन हैरत है कि किसी को एतराज नहीं?

DR. ANWER JAMAL said...

@ भाई सलीम ख़ान साहब ! हमारी वाणी का कॉन्सेप्ट आपका था, यह सच है और यह भी सच है कि ‘हमारी वाणी‘ नाम रखा था जनाब उमर कैरानवी साहब ने और यह भी सच है इसके फ़ीचर्स तय करने में मेरी सलाह ली गई थी। इसे डिज़ायन किया है शाहनवाज़ भाई ने। हमारी वाणी ने तरक्क़ी की और जब शाहनवाज़ भाई को लगा कि अब काम जम गया है तो फिर उन्हें याद आया कि ये तीनों तो मुसलमान हैं। इन तीन मुसलमानों की वजह से नास्तिकों को जोड़ने में दिक्क़त हो सकती है। इसी सोच के साथ के साथ वह नास्तिकों से जुड़ते चले गए और हमसे कटते चले गए। हमसे कट जाते तो भी किसी हद तक ठीक था लेकिन फिर उन्होंने हमारे ब्लॉग भी काटने शुरू कर दिए और पोस्ट भी। इससे आगे बढ़कर फिर उन्होंने हमारी सूचनाएं भी लीक करनी शुरू कर दीं। यह सब कुछ हमारी वाणी के लिए गंभीर ख़तरा है। हमने समय समय पर शाहनवाज़ भाई को समझाया लेकिन उन्हें लगता है कि वे दिल्ली में रहते हैं तो उनकी खोपड़ी भी हमसे बड़ी है। वह नहीं माने तो हमने हमारी वाणी के दो और मालिकों को सारी सूरते हाल से आगाह किया और ख़ुद को हमारी वाणी से अलग कर लिया।
6-7 हिट के लिए इतनी सिरदर्दी से क्या फ़ायदा ?
इसके बाद हमने अपने ब्लॉग्स को फ़ेसबुक के नेटवर्क में शामिल कर लिया और अभी पाठक बढ़ाने के लिए कुछ नई जगहों पर और भी जोड़ दिया जाएगा। इस तरह हमारे पाठक भी बढ़ जाएंगे और हमें रोज़ रोज़ की साज़िशों से छुटकारा भी शायद मिल जाएगा।
आपकी पोस्ट सामयिक है, अच्छी लगी।
हमारी यह पोस्ट भी आपको अच्छी लगेगी।
हमारी वाणी के दो मालिकों से चार बातें

sajid said...

हैरत है...

‘ब्लॉग की ख़बरें‘

1- क्या है ब्लॉगर्स मीट वीकली ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_3391.html

2- किसने की हैं कौन करेगा उनसे मोहब्बत हम से ज़्यादा ?
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

3- क्या है प्यार का आवश्यक उपकरण ?
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

4- एक दूसरे के अपराध क्षमा करो
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

5- इंसान का परिचय Introduction
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/introduction.html

6- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- बेवफा छोड़ के जाता है चला जा
http://kunwarkusumesh.blogspot.com/2011/07/blog-post_11.html#comments

9- इस्लाम और पर्यावरण: एक झलक
http://www.hamarianjuman.com/2011/07/blog-post.html

10- दुआ की ताक़त The spiritual power
http://ruhani-amaliyat.blogspot.com/2011/01/spiritual-power.html

11- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

12- शकुन्तला प्रेस कार्यालय के बाहर लगा एक फ्लेक्स बोर्ड-4
http://shakuntalapress.blogspot.com/

13- वाह री, भारत सरकार, क्या खूब कहा
http://bhadas.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

14- वैश्विक हुआ फिरंगी संस्कृति का रोग ! (HIV Test ...)
http://sb.samwaad.com/2011/07/blog-post_16.html

15- अमीर मंदिर गरीब देश
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

16- मोबाइल : प्यार का आवश्यक उपकरण Mobile
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/mobile.html

17- आपकी तस्वीर कहीं पॉर्न वेबसाइट पे तो नहीं है?
http://bezaban.blogspot.com/2011/07/blog-post_18.html

18- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम अब तक लागू नहीं
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_19.html

19- दुनिया में सबसे ज्यादा शादियाँ करने वाला कौन है?
इसका श्रेय भारत के ज़ियोना चाना को जाता है। मिजोरम के निवासी 64 वर्षीय जियोना चाना का परिवार 180 सदस्यों का है। उन्होंने 39 शादियाँ की हैं। इनके 94 बच्चे हैं, 14 पुत्रवधुएं और 33 नाती हैं। जियोना के पिता ने 50 शादियाँ की थीं। उसके घर में 100 से ज्यादा कमरे है और हर रोज भोजन में 30 मुर्गियाँ खर्च होती हैं।
http://gyaankosh.blogspot.com/2011/07/blog-post_14.html

20 - ब्लॉगर्स मीट अब ब्लॉग पर आयोजित हुआ करेगी और वह भी वीकली Bloggers' Meet Weekly
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/bloggers-meet-weekly.html

21- इस से पहले कि बेवफा हो जाएँ
http://www.sahityapremisangh.com/2011/07/blog-post_3678.html

22- इसलाम में आर्थिक व्यवस्था के मार्गदर्शक सिद्धांत
http://islamdharma.blogspot.com/2012/07/islamic-economics.html

23- मेरी बिटिया सदफ स्कूल क्लास प्रतिनिधि का चुनाव जीती
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_2208.html

24- कुरआन का चमत्कार

25- ब्रह्मा अब्राहम इब्राहीम एक हैं?

26- कमबख़्तो ! सीता माता को इल्ज़ाम न दो Greatness of Sita Mata

27- राम को इल्ज़ाम न दो Part 1

28- लक्ष्मण को इल्ज़ाम न दो

29- हरेक समस्या का अंत, तुरंत

30-
अपने पड़ोसी को तकलीफ़ न दो

साहित्य की ताज़ा जानकारी

1- युद्ध -लुईगी पिरांदेलो (मां-बेटे और बाप के ज़बर्दस्त तूफ़ानी जज़्बात का अनोखा बयान)
http://pyarimaan.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

2- रमेश कुमार जैन ने ‘सिरफिरा‘ दिया
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

3- आतंकवादी कौन और इल्ज़ाम किस पर ? Taliban
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/taliban.html

4- तनाव दूर करने की बजाय बढ़ाती है शराब
http://hbfint.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

5- जानिए श्री कृष्ण जी के धर्म को अपने बुद्धि-विवेक से Krishna consciousness
http://vedquran.blogspot.com/2011/07/krishna-consciousness.html

6- समलैंगिकता और बलात्कार की घटनाएं क्यों अंजाम देते हैं जवान ? Rape
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/rape.html

7- क्या भारतीय नारी भी नहीं भटक गई है ?
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

8- ख़ून बहाना जायज़ ही नहीं है किसी मुसलमान के लिए No Voilence
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/07/no-voilence.html

9- धर्म को उसके लक्षणों से पहचान कर अपनाइये कल्याण के लिए
http://charchashalimanch.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

10- बाइबिल के रहस्य- क्षमा कीजिए शांति पाइए
http://biblesmysteries.blogspot.com/2011/03/blog-post.html

11- विश्व शांति और मानव एकता के लिए हज़रत अली की ज़िंदगी सचमुच एक आदर्श है
http://dharmiksahity.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

12- दर्शनों की रचना से पूर्व मूल धर्म
http://kuranved.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

13- ‘इस्लामी आतंकवाद‘ एक ग़लत शब्द है Terrorism or Peace, What is Islam
http://commentsgarden.blogspot.com/2011/07/terrorism-or-peace-what-is-islam.html

14- The real mission of Christ ईसा मसीह का मिशन क्या था ? और उसे किसने आकर पूरा किया ? - Anwer Jamal
http://kuranved.blogspot.com/2010/10/real-mission-of-christ-anwer-jamal.html

15- अल्लाह के विशेष गुण जो किसी सृष्टि में नहीं है.
http://quranse.blogspot.com/2011/06/blog-post_12.html

16- लघु नज्में ... ड़ा श्याम गुप्त...
http://mushayera.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html

17- आपको कौन लिंक कर रहा है ?, जानने के तरीके यह हैं
http://techaggregator.blogspot.com/

18- आदम-मनु हैं एक, बाप अपना भी कह ले -रविकर फैजाबादी

19-मां बाप हैं अल्लाह की बख्शी हुई नेमत

20- मौत कहते हैं जिसे वो ज़िन्दगी का होश है Death is life

21- कल रात उसने सारे ख़तों को जला दिया -ग़ज़ल Gazal

22- मोम का सा मिज़ाज है मेरा / मुझ पे इल्ज़ाम है कि पत्थर हूँ -'Anwer'

23- दिल तो है लँगूर का

24- लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी - Allama Iqbal

25- विवाद -एक लघुकथा डा. अनवर जमाल की क़लम से Dispute (Short story)

26- शीशा हमें तो आपको पत्थर कहा गया (ग़ज़ल)