इसे अमानवीय लापरवाही के अलावा क्या कहेंगे कि कोयला खदानों के अंदर लगी भूमिगत आग रेलवे लाइन तक पहुँच चुकी है लेकिन प्रबंधन को इससे कोई खतरा नहीं महसूस हो रहा है. किसी भी दिन यहाँ कोई बड़ा हादसा हो जाये तो इसकी जिम्म्मेवारी आखिर कौन लेगा. पढ़िए पूरी रिपोर्ट.
जाने क्यों तुझे मैंने फिर पुकारा नहीं
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जाने क्यों तुझे मैंने फिर पुकारा नहीं,
मुश्किल ये कि तेरे बिन गुज़ारा नहीं।
सफ़र लंबा है अभी बड़ी दूर जाना है
अब किसे आवाज़ दूँ कोई सहारा नहीं।
वो अ...







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