बता रहे हैं जनाब सैयद मुहम्मद मासूम साहब , अपनी ताज़ा पोस्ट में-
मानव सेवा ही ईश्वर सेवा का सर्वोच्च स्वरूप - बिरला*
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मानव सेवा ही ईश्वर सेवा का सर्वोच्च स्वरूप - बिरला*
- श्री राम धर्मार्थ चिकित्सालय का 31वाँ वार्षिकोत्सव
के डी अब्बासी
कोटा, 22 जनवरी। लोकसभा अध्यक्ष ओम...
1 comments:
बहुत सुन्दर...
पधारें "आँसुओं के मोती"
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