शिल्पा जी को गीता से प्रेम है। उनके ब्लॉग पर आप जाएंगे तो यह बात पहली नज़र में ही जान जाएंगे। आज उन्होंने ईमेल से हमें अपनी नई पोस्ट का लिंक भेजा और हम वहां गए। आपको लिंक हम दे रहे हैं, आप भी होकर आईये न
लोगों के वास्ते जब (अपनी) रहमत (के दरवाजे़) खोल दे तो कोई उसे जारी नहीं कर
सकता और जिस चीज़ को रोक ले उसके बाद उसे कोई रोक नहीं सकता और वही हर चीज़ पर
ग़ालिब और दाना व बीना हकीम है
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सूरए फातिर (पैदा करने वाला) मक्के में नाजि़ल हुआ और उसकी पैंतालिस (45)
आयतें हैं
खु़दा के नाम से (शुरू करता हूँ) जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है
हर त...







1 comments:
सार्थक प्रस्तुति .आभार
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